Tuesday, 16 June 2026

फर्जी दस्तावेजों से करोड़ों के हाउसिंग बोर्ड भूखंड पर कब्जा, मुख्य आरोपी गोपाल लाल मीणा गिरफ्तार


फर्जी दस्तावेजों से करोड़ों के हाउसिंग बोर्ड भूखंड पर कब्जा, मुख्य आरोपी गोपाल लाल मीणा गिरफ्तार

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जयपुर के जवाहर सर्किल थाना क्षेत्र में करोड़ों रुपये मूल्य के हाउसिंग बोर्ड के भूखंड पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर कब्जा करने के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी गोपाल लाल मीणा (45) को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में इस पूरे प्रकरण में हाउसिंग बोर्ड के कुछ कर्मचारियों और दलालों की संलिप्तता भी सामने आई है। फिलहाल अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

पूर्वी जयपुर की पुलिस उपायुक्त रंजिता शर्मा ने बताया कि आरोपी गोपाल लाल मीणा ने कथित रूप से कूटरचित और फर्जी दस्तावेज तैयार कर करोड़ों रुपये मूल्य के भूखंड को बेहद कम कीमत में अपने नाम करवाने की साजिश रची थी। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर कराई गई रजिस्ट्री भी जब्त की है।

मामले का खुलासा 13 मई को दर्ज कराई गई एक शिकायत के बाद हुआ। परिवादी नरेंद्र कुमार गुप्ता ने पुलिस को बताया कि वर्ष 2005 में राजस्थान आवासन मंडल द्वारा उन्हें 266.700 वर्ग मीटर क्षेत्रफल वाला आवासीय भूखंड संख्या 5/एच/73 आवंटित किया गया था। बाद में उन्हें राजस्थान आवासन मंडल से प्राप्त एक पत्र में जानकारी मिली कि उन्होंने वर्ष 2007 में उक्त भूखंड गुल मोहम्मद के नाम बेच दिया था और बाद में वर्ष 2010 में यह संपत्ति गोपाल लाल मीणा के नाम हस्तांतरित कर दी गई।

परिवादी ने दावा किया कि उन्होंने कभी भी उक्त भूखंड का विक्रय नहीं किया। पुलिस जांच में सामने आया कि परिवादी के कथित जाली हस्ताक्षरों और पुरानी तस्वीरों का इस्तेमाल कर फर्जी इकरारनामा, मुख्त्यारनामा और वसीयतनामा तैयार किए गए थे।

जांच में यह भी सामने आया कि झूठे गवाहों और फर्जी दस्तावेजों की मदद से गुल मोहम्मद और गोपाल लाल मीणा ने कथित रूप से हाउसिंग बोर्ड के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत से भूखंड का नियमितीकरण अपने पक्ष में करवा लिया। इसके बाद मामले में जवाहर सर्किल थाने में मुकदमा दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू की गई।

पुलिस ने राजस्थान आवासन मंडल से भूखंड की पूरी फाइल प्राप्त कर दस्तावेजों का परीक्षण किया। पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर गोपाल लाल मीणा की भूमिका सामने आने पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी की निशानदेही पर मूल कन्वेयंस डीड और राजस्थान हाउसिंग बोर्ड की परपेचुअल लीज से जुड़े दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं।

गिरफ्तार आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि मामले में वांछित आरोपी विक्रम सिंह, संबंधित कर्मचारियों और दलालों की तलाश जारी है तथा पूरे फर्जीवाड़े के नेटवर्क की गहन जांच की जा रही है।

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