



राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर पीठ ने कथित हनी ट्रैप और जबरन वसूली से जुड़े एक मामले में जेल में बंद आरोपी दिशा बबला को जमानत दे दी है। न्यायमूर्ति बिपिन गुप्ता ने सोमवार को यह आदेश पारित करते हुए आरोपी को निर्धारित शर्तों के साथ रिहा करने के निर्देश दिए।
मामला जयपुर के महेश नगर थाना क्षेत्र में दर्ज एफआईआर संख्या 205/2026 से संबंधित है। दिशा बबला पिछले 17 दिनों से न्यायिक अभिरक्षा में थी। निचली अदालत ने 5 जून 2026 को उसकी जमानत अर्जी खारिज कर दी थी, जिसके बाद उसने राजस्थान हाईकोर्ट में जमानत याचिका दायर की थी।
याचिकाकर्ता की ओर से अदालत में कहा गया कि उसके खिलाफ दर्ज एफआईआर दुर्भावनापूर्ण है और उस पर दबाव बनाने के उद्देश्य से दर्ज कराई गई है। बचाव पक्ष ने यह भी तर्क दिया कि शिकायतकर्ता द्वारा वर्ष 2025 में भी इसी प्रकार का मामला दर्ज कराया गया था, जिसमें हनी ट्रैप और वसूली के आरोप लगाए गए थे। उस मामले में दिशा बबला को अग्रिम जमानत मिल चुकी थी और बाद में अग्रिम जमानत निरस्त कराने के लिए दायर याचिका भी वापस ले ली गई थी।
वहीं राज्य सरकार और परिवादी पक्ष ने जमानत याचिका का विरोध किया। परिवादी की ओर से अदालत में कहा गया कि आरोपी को जमानत का लाभ नहीं दिया जाना चाहिए। साथ ही यह भी दावा किया गया कि पूर्व में दायर जमानत निरस्तीकरण याचिका आरोपी और उसके परिजनों द्वारा कथित धमकियों के कारण वापस ली गई थी।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और रिकॉर्ड का अवलोकन करने के बाद अदालत ने कहा कि मामले के गुण-दोष पर अंतिम टिप्पणी किए बिना प्रथम दृष्टया जमानत देने के पर्याप्त आधार मौजूद हैं। इसके आधार पर अदालत ने जमानत याचिका स्वीकार कर ली।
हाईकोर्ट ने आदेश दिया कि दिशा बबला को एक लाख रुपये के निजी मुचलके तथा 50-50 हजार रुपये की दो जमानतें प्रस्तुत करने पर रिहा किया जाए। अदालत ने कुछ शर्तें भी लगाई हैं, जिनके तहत आरोपी बिना न्यायालय की अनुमति के देश नहीं छोड़ेगी, सुनवाई की प्रत्येक निर्धारित तारीख पर उपस्थित रहेगी तथा किसी भी गवाह को प्रभावित करने या साक्ष्यों से छेड़छाड़ करने का प्रयास नहीं करेगी।
मामले की सुनवाई अब निचली अदालत में जारी रहेगी, जहां आरोपों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की न्यायिक प्रक्रिया संचालित होगी।