



जयपुर। जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री कन्हैयालाल चौधरीने स्पष्ट कहा है कि राज्य में न तो पानी की कमी है और न ही बजट की। ऐसे में अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि वे बेहतर प्रबंधन कर आमजन तक शुद्ध और पर्याप्त पेयजल की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करें।
जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री कन्हैयालाल चौधरी ने यह निर्देश मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान दिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हर नागरिक को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और ग्रीष्मकाल को देखते हुए पर्याप्त बजट पहले ही जारी किया जा चुका है।
जल भवन में आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग बैठक में मंत्री ने प्रदेशभर के मुख्य अभियंताओं और अधिकारियों को निर्देश दिए कि गर्मी में अंतिम छोर तक रहने वाले उपभोक्ताओं को प्राथमिकता के आधार पर पानी उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने सभी ग्रीष्मकालीन कार्यों को 30 अप्रैल तक हर हाल में पूरा करने के निर्देश दिए।
जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री कन्हैयालाल चौधरी ने कहा कि पेयजल वितरण को व्यवस्थित रखने के लिए अवैध कनेक्शन और बूस्टरों पर सख्ती से कार्रवाई की जाए। दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
बंद पड़ी जल जीवन मिशन योजनाओं को प्राथमिकता से शुरू करने के निर्देश
नए नलकूपों की स्थापना और पुराने नलकूपों की गहराई बढ़ाने पर जोर
हैंडपंप और नलकूप कार्यों को 15 अप्रैल तक पूरा करने के निर्देश
लंबित विद्युत कनेक्शन शीघ्र शुरू कराने के निर्देश
जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री कन्हैयालाल चौधरी ने कहा कि अधिकारी नियमित निरीक्षण करें और वृत स्तर पर प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करें, ताकि किसी भी समस्या का समय रहते समाधान किया जा सके।
बैठक में प्रमुख शासन सचिव हेमंत कुमार गेरा, मिशन निदेशक डॉ. रवीन्द्र गोस्वामी, मुख्य अभियंता संदीप शर्मा, नीरज माथुर, देवराज सोलंकी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।