



जयपुर। राजस्थान पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने फर्जी FMG (Foreign Medical Graduate) सर्टिफिकेट घोटाले में बड़ी कार्रवाई करते हुए राजस्थान मेडिकल काउंसिल (RMC) के पूर्व रजिस्ट्रार डॉ. राजेश शर्मा सहित 18 लोगों को गिरफ्तार किया है।
SOG के एडीजी विशाल बंसल ने बताया कि डीआईजी परिस देशमुख के नेतृत्व में प्रदेशभर में दबिश दी गई। इस कार्रवाई के तहत जयपुर सहित 9 जिलों में 22 टीमों ने एक साथ छापेमारी की।
15 कैंडिडेट भी गिरफ्त में
गिरफ्तार 18 आरोपियों में 15 कैंडिडेट शामिल हैं, जो विदेश से MBBS करने के बावजूद FMG परीक्षा पास नहीं कर सके थे। ये कैंडिडेट फर्जी सर्टिफिकेट के जरिए मेडिकल रजिस्ट्रेशन और इंटर्नशिप हासिल करने की कोशिश कर रहे थे।
अधिकारी, डॉक्टर और दलाल की मिलीभगत
जांच में सामने आया कि तत्कालीन रजिस्ट्रार डॉ. राजेश शर्मा, एक नोडल अधिकारी और दलाल की मिलीभगत से फर्जी दस्तावेज तैयार कर रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को प्रभावित किया जा रहा था। बिना सत्यापन के प्रोविजनल रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट जारी कर दिए गए।
93 संदिग्धों की पहचान
SOG ने अब तक 93 ऐसे लोगों की पहचान की है, जिन्होंने फर्जी FMG सर्टिफिकेट के आधार पर रजिस्ट्रेशन हासिल करने या करवाने का प्रयास किया।
इस मामले की शुरुआत तीन MBBS डॉक्टरों की गिरफ्तारी से हुई थी, जिसके बाद जांच का दायरा बढ़ता गया और पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ। पहले गिरफ्तार आरोपियों में डॉ. राजेश शर्मा, अनाराम, इंद्राज, पियूष, शुभम सहित अन्य शामिल हैं।
बड़े पैमाने पर पैसों के लेन-देन के संकेत
जांच एजेंसी को इस फर्जीवाड़े में बड़े स्तर पर पैसों के लेन-देन के साक्ष्य भी मिले हैं। आरोपियों से पूछताछ जारी है और उन्हें जयपुर लाकर कोर्ट में पेश किया जाएगा, जहां पुलिस कस्टडी रिमांड (PC रिमांड) की मांग की जाएगी।
SOG का कहना है कि इस नेटवर्क की गहराई से जांच की जा रही है और आने वाले समय में और भी गिरफ्तारियां संभव हैं। इस कार्रवाई को राज्य में मेडिकल फर्जीवाड़े के खिलाफ बड़ी सख्ती के रूप में देखा जा रहा है।