



सेवानिवृत्त आरएएस अधिकारी अतर सिंह नेहरा और वीरेंद्र सिंह बांकावत बने सदस्य, हाईकोर्ट ने सुनवाई 15 सितंबर तक टाली
जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट की सख्ती के बाद राज्य सरकार ने राजस्थान सिविल सेवा अपील अधिकरण (रेट) की जयपुर पीठ में दो सदस्यों की नियुक्ति कर दी है। सरकार की ओर से मंगलवार को हाईकोर्ट को इसकी जानकारी दी गई।
सरकार ने अदालत को बताया कि सेवानिवृत्त आरएएस अधिकारी अतर सिंह नेहरा और वीरेंद्र सिंह बांकावत को रेट की जयपुर पीठ में सदस्य नियुक्त किया गया है। वहीं अधिकरण के चेयरमैन की नियुक्ति प्रक्रिया अभी जारी है और इसे भी जल्द पूरा किया जाएगा।
सरकार की ओर से नियुक्तियों की जानकारी दिए जाने के बाद कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश एस.पी. शर्मा की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई 15 सितंबर तक के लिए स्थगित कर दी।
इससे पहले हुई सुनवाई में हाईकोर्ट ने रेट में खाली पड़े पदों को लेकर कड़ा रुख अपनाया था। अदालत ने राज्य सरकार को निर्देश दिए थे कि सात दिन के भीतर रिक्त पदों पर नियुक्तियां की जाएं। ऐसा नहीं होने की स्थिति में कार्मिक विभाग के सचिव को व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश होने के निर्देश दिए गए थे।
मामले की पिछली सुनवाई में हाईकोर्ट ने रेट की निष्क्रिय स्थिति पर नाराजगी जताते हुए तल्ख टिप्पणी भी की थी। अदालत ने कहा था कि यदि सरकार ट्रिब्यूनल को चला नहीं सकती है तो उसे बंद कर दे।
अदालत की इस टिप्पणी के बाद सरकार पर रिक्त पदों को भरने का दबाव बढ़ गया था।
अधिवक्ता दिलीप सिंह कुरका, संदीप कलवानिया सहित अन्य वकीलों की ओर से हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई थी। याचिका में कहा गया कि राजस्थान सिविल सेवा अपील अधिकरण में अध्यक्ष और सदस्यों के पद खाली होने के कारण मामलों की नियमित सुनवाई प्रभावित हो रही है।
याचिकाकर्ताओं का कहना था कि अधिकरण में बड़ी संख्या में सेवा मामलों की सुनवाई होती है, लेकिन पर्याप्त सदस्य नहीं होने के कारण लंबित प्रकरणों का निस्तारण प्रभावित हो रहा है।
दो सदस्यों की नियुक्ति के बाद अब रेट के चेयरमैन की नियुक्ति पर नजर रहेगी। सरकार ने अदालत को बताया है कि इसकी प्रक्रिया चल रही है और जल्द नियुक्ति की जाएगी।
हाईकोर्ट अब 15 सितंबर को मामले की अगली सुनवाई में यह देखेगा कि सरकार ने अधिकरण को पूर्ण रूप से कार्यशील बनाने के लिए आगे क्या कदम उठाए हैं।