Monday, 10 August 2026

राजस्थान में निकाय प्रमुखों और जिला प्रमुखों के आरक्षण की लॉटरी 13 अगस्त को, राजनीतिक दलों को भेजा आमंत्रण


राजस्थान में निकाय प्रमुखों और जिला प्रमुखों के आरक्षण की लॉटरी 13 अगस्त को, राजनीतिक दलों को भेजा आमंत्रण

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सुबह 10:30 बजे मेयर, सभापति और चेयरमैन के पदों की निकलेगी लॉटरी; दोपहर 3:15 बजे तय होगा 41 जिला
जयपुर। राजस्थान में आगामी नगरीय निकाय और पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव से पहले प्रमुख पदों के आरक्षण की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। प्रदेश के नगरीय निकायों में मेयर, सभापति और चेयरमैन के पदों के आरक्षण की लॉटरी 13 अगस्त को निकाली जाएगी। इसी दिन प्रदेश के 41 जिला प्रमुखों के पदों के आरक्षण की लॉटरी भी होगी।

लॉटरी प्रक्रिया में शामिल होने के लिए राज्य सरकार की ओर से प्रदेश के प्रमुख राजनीतिक दलों को पत्र भेजकर आमंत्रित किया गया है।

सुबह 10:30 बजे निकलेगी निकाय प्रमुखों की लॉटरी

स्वायत्त शासन निदेशालय के निदेशक की ओर से जारी आदेश के अनुसार, नगर निगम, नगर परिषद और नगर पालिकाओं के प्रमुख पदों के आरक्षण की लॉटरी 13 अगस्त को सुबह 10:30 बजे स्वायत्त शासन निदेशालय में निकाली जाएगी।

इस प्रक्रिया के जरिए यह तय होगा कि किस नगरीय निकाय में मेयर, सभापति अथवा चेयरमैन का पद किस वर्ग के लिए आरक्षित रहेगा।

प्रदेश की कुल 309 नगरीय निकायों में चुनाव कराए जाने हैं। ऐसे में आरक्षण की लॉटरी के बाद निकाय चुनावों को लेकर राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना है।

दोपहर 3:15 बजे 41 जिला प्रमुखों की लॉटरी

पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव के तहत प्रदेश के सभी 41 जिला प्रमुखों के पदों के आरक्षण की लॉटरी भी 13 अगस्त को ही निकाली जाएगी।

यह प्रक्रिया दोपहर 3:15 बजे इंदिरा गांधी पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास संस्थान, जेएलएन मार्ग, जयपुर में आयोजित होगी। लॉटरी के बाद यह स्पष्ट हो जाएगा कि किन जिलों में जिला प्रमुख का पद किस आरक्षित वर्ग के लिए निर्धारित होगा।

15 से 17 अगस्त के बीच निकल सकती है वार्डों की लॉटरी

नगरीय निकायों के वार्डों के आरक्षण की लॉटरी भी अगले चरण में निकाली जाएगी। यह प्रक्रिया 15 से 17 अगस्त के बीच कराए जाने की संभावना है।

वार्ड आरक्षण की लॉटरी संबंधित जिलों में कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला मुख्यालय पर निकाली जाएगी। इसके जरिए अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और महिला वर्ग के लिए वार्डों का आरक्षण निर्धारित किया जाएगा।

आरक्षण तय होते ही तेज होंगे राजनीतिक समीकरण

मेयर, सभापति, चेयरमैन और जिला प्रमुख जैसे महत्वपूर्ण पदों का आरक्षण तय होने के बाद राजनीतिक दलों के उम्मीदवार चयन और चुनावी रणनीति पर इसका सीधा असर पड़ेगा। खास तौर पर बड़े नगर निगमों और जिला प्रमुख के पदों पर आरक्षण की स्थिति को लेकर राजनीतिक दलों और संभावित दावेदारों की नजर 13 अगस्त की लॉटरी पर रहेगी।

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