



पक्षियों की सुरक्षा के लिए जालीदार फेंसिंग लगाने और खराब बेंच बदलने की मांग, मुख्यमंत्री को भेजे जाने वाले ज्ञापन पर 150 से ज्यादा लोगों के हस्ताक्षर
जयपुर। पक्षियों के संरक्षण और संवर्धन के लिए कार्यरत संस्था ‘नीड़’ की ओर से जयपुर के लैंडस्केप पार्क की बदहाली सुधारने की मांग को लेकर सांकेतिक धरना दिया गया। धरने का नेतृत्व पार्क में नियमित रूप से सुबह भ्रमण करने वाले 88 वर्षीय द्वारका प्रसाद ने किया। इस दौरान पार्क में नियमित रूप से आने वाले महिला और पुरुष भी शामिल हुए।
नीड़ के संयोजक अजीत तिवारी के अनुसार, पार्क के एक हिस्से में शिल्पकारों और हस्तकारों के प्रदर्शन के लिए बनाए गए करीब आधा दर्जन कियोस्क को तोड़कर एक ही रेस्टोरेंट बनाए जाने से पार्क का मूल स्वरूप प्रभावित होने की आशंका है। संस्था ने मांग की कि कियोस्क हटाने के बाद खाली होने वाली जमीन पर भी पेड़-पौधे लगाए जाएं, जिससे पार्क का हरित क्षेत्र बढ़ाया जा सके।
धरने में शामिल लोगों ने पार्क में जंग लगने के कारण खराब हो चुकी करीब आधा दर्जन बेंचों को बदलने की मांग भी उठाई। उनका कहना है कि पार्क में रोजाना बड़ी संख्या में लोग सुबह और शाम भ्रमण के लिए आते हैं, ऐसे में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर किया जाना चाहिए। इसके साथ ही पार्क के रखरखाव और हरियाली को संरक्षित करने के लिए संबंधित विभागों से प्रभावी कदम उठाने की मांग की गई।
संस्था ने पार्क में पक्षियों और छोटे वन्यजीवों की सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया। अजीत तिवारी के अनुसार, पार्क की रेलिंग की डिजाइन ऐसी है कि आवारा कुत्तों के झुंड आसानी से अंदर प्रवेश कर जाते हैं।
उन्होंने दावा किया कि पिछले दो से तीन महीने के दौरान कुत्तों के झुंड ने पार्क में दो मोरनियों, उनके दो बच्चों और एक खरगोश का शिकार किया है। संस्था ने पक्षियों और अन्य जीवों की सुरक्षा के लिए मौजूदा रेलिंग के स्थान पर जालीदार फेंसिंग अथवा कंटीले तार लगाने की मांग की है।
धरने के दौरान पार्क के पास स्थित आवासन मंडल और जयपुर विकास प्राधिकरण की करीब 1500 वर्गमीटर की कीमती जमीन का मुद्दा भी उठाया गया। संस्था ने आरोप लगाया कि इस जमीन पर भूमाफिया की ओर से कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है। संस्था का कहना है कि इस संबंध में पूर्व में शिकायतें किए जाने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं होने के कारण सांकेतिक धरना देने का निर्णय लेना पड़ा।
सांकेतिक धरने में पार्क में नियमित रूप से सुबह भ्रमण करने वाले करीब दो दर्जन महिला-पुरुष शामिल हुए। इनमें प्रभुलाल बैरवा, भगवान सिंह, कमल खत्री और एस.एस. दहिया सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
धरने के बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को भेजे जाने वाले ज्ञापन का सर्वसम्मति से अनुमोदन किया गया। संस्था के अनुसार, इस ज्ञापन पर पार्क में नियमित भ्रमण करने वाले और आसपास रहने वाले 150 से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हैं। ज्ञापन के माध्यम से पार्क का मूल स्वरूप और हरियाली संरक्षित रखने, पक्षियों की सुरक्षा के इंतजाम करने, खराब सुविधाओं को दुरुस्त करने तथा सरकारी जमीन पर कथित अतिक्रमण के प्रयास के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की मांग की गई है।