Saturday, 06 June 2026

सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने 38 किसानों को वितरित किए 9 करोड़ रुपये के ऋण स्वीकृति पत्र, कृषि विकास को मिला बढ़ावा


सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने 38 किसानों को वितरित किए 9 करोड़ रुपये के ऋण स्वीकृति पत्र, कृषि विकास को मिला बढ़ावा

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टोंक। सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, जयपुर क्षेत्र द्वारा शनिवार को अग्रवाल धर्मशाला, टोंक में मेगा एग्री क्रेडिट आउटरीच कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में टोंक जिले की सभी शाखाओं की सक्रिय सहभागिता रही। इस अवसर पर किसानों को विभिन्न कृषि एवं कृषि आधारित योजनाओं की जानकारी देने के साथ-साथ ऋण स्वीकृति एवं वितरण पत्र भी प्रदान किए गए।

कार्यक्रम में जयपुर जोन के आंचलिक प्रमुख अनिल कुमार एवं जयपुर क्षेत्र के क्षेत्रीय प्रमुख राजेश कुमार सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कृषि विभाग के उप निदेशक दिनेश कुमार तथा बार एसोसिएशन टोंक के अध्यक्ष विकास लोदी थे। कार्यक्रम का संचालन एवं समन्वय क्षेत्रीय समन्वयक मनीष मधुकर एवं सुरेन्द्र मीणा द्वारा किया गया।

कैंप के दौरान किसानों को कृषि एवं कृषि आधारित गतिविधियों के लिए उपलब्ध विभिन्न वित्तीय योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। बैंक अधिकारियों ने किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी), पीएम-कुसुम योजना, पीएमएफएमई योजना, पॉलीहाउस परियोजनाएं, कृषि यंत्रीकरण, डेयरी विकास तथा अन्य कृषि ऋण योजनाओं के लाभ, पात्रता एवं आवेदन प्रक्रिया के बारे में विस्तार से बताया।

अधिकारियों ने अपने संबोधन में किसानों से आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने तथा बैंकिंग सुविधाओं का अधिकतम लाभ लेने का आह्वान किया। मुख्य अतिथियों ने भी कृषि क्षेत्र में संस्थागत ऋण की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डालते हुए किसानों को विभिन्न सरकारी योजनाओं से जुड़कर अपनी आय बढ़ाने और कृषि को लाभकारी बनाने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम के दौरान 38 किसानों को लगभग 9 करोड़ रुपये के ऋण स्वीकृति एवं वितरण पत्र प्रदान किए गए। इन ऋणों में पीएम-कुसुम, पीएमएफएमई, पॉलीहाउस, किसान क्रेडिट कार्ड सहित विभिन्न कृषि एवं कृषि आधारित योजनाओं के अंतर्गत स्वीकृत ऋण शामिल रहे।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान, बैंक अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। किसानों ने सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के वरिष्ठ प्रबंधन द्वारा आयोजित इस पहल की सराहना करते हुए इसे कृषि विकास, ग्रामीण समृद्धि और वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने वाला महत्वपूर्ण कदम बताया। उपस्थित किसानों ने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से किसानों को योजनाओं की जानकारी मिलने के साथ-साथ समय पर वित्तीय सहायता भी उपलब्ध हो रही है, जिससे कृषि क्षेत्र को नई गति मिलेगी।

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