



कोटा। कोटा जिले के बोरखेड़ा थाना क्षेत्र स्थित चंद्रेसल गांव के प्रसिद्ध धार्मिक मठ के महंत देवानंद महाराज की निर्मम हत्या के मामले में पुलिस ने जांच तेज कर दी है। पुलिस ने शनिवार को सात संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं और जल्द ही पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया जा सकता है।
महंत देवानंद महाराज की हत्या के बाद पूरे कोटा संभाग में आक्रोश का माहौल है। धार्मिक संगठनों और संत समाज ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है। इसी मांग को लेकर संत समाज के लोग कोटा के महाराव भीमसिंह (एमबीएस) अस्पताल परिसर में धरने पर बैठ गए हैं। उनका कहना है कि जब तक सभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार महंत देवानंद महाराज शुक्रवार रात अपने मठ परिसर स्थित कक्ष में विश्राम कर रहे थे। इसी दौरान अज्ञात हमलावर मठ में प्रवेश कर गए और उन्होंने धारदार हथियारों से महंत पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। हमले के दौरान महंत ने सहायता के लिए आवाज लगाई, जिसके बाद आसपास मौजूद लोग और मठ के सेवादार मौके की ओर दौड़े। लोगों के पहुंचने की आहट मिलते ही हमलावर अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए।
जांच में यह भी सामने आया है कि हमलावरों ने वारदात को अंजाम देने से पहले मठ में रह रहे एक अन्य महंत के कमरे को बाहर से बंद कर दिया था, ताकि वे घटना के दौरान बाहर नहीं निकल सकें। पुलिस इस पहलू की भी गंभीरता से जांच कर रही है।
घटना की सूचना मिलने पर बोरखेड़ा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और गंभीर रूप से घायल महंत को तत्काल महाराव भीमसिंह अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में चिकित्सकों ने उपचार शुरू किया, लेकिन अत्यधिक रक्तस्राव और गंभीर चोटों के कारण उन्हें बचाया नहीं जा सका। डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के बाद महंत को मृत घोषित कर दिया।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया और घटनास्थल से साक्ष्य एकत्रित किए। एफएसएल टीम और पुलिस अधिकारियों ने भी मठ परिसर का निरीक्षण कर विभिन्न पहलुओं की जांच की है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हत्या के पीछे के कारणों की जांच की जा रही है। व्यक्तिगत रंजिश, संपत्ति विवाद और अन्य संभावित कारणों को ध्यान में रखकर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। हिरासत में लिए गए सात संदिग्धों से पूछताछ के आधार पर मामले की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं।
उधर संत समाज और स्थानीय लोगों ने हत्या की निष्पक्ष जांच तथा आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है। पुलिस का दावा है कि मामले में जल्द ही महत्वपूर्ण खुलासा किया जाएगा और दोषियों को कानून के दायरे में लाया जाएगा।