



जयपुर। जयपुर की श्रम न्यायालय (लेबर कोर्ट) ने होटल क्लार्क्स आमेर को एक पूर्व कर्मचारी के मामले में अंतरिम भुगतान करने के निर्देश देते हुए सख्त चेतावनी जारी की है। न्यायालय ने आदेश दिया है कि कर्मचारी को निर्धारित राशि का भुगतान समय पर नहीं किए जाने की स्थिति में होटल के खिलाफ कुर्की और सीज की कार्रवाई की जा सकती है।
लेबर कोर्ट-1 के न्यायाधीश दिनेश गुप्ता ने मामले की सुनवाई के दौरान होटल क्लार्क्स आमेर को 8 जून तक पूर्व कर्मचारी को 6.25 लाख रुपए का अंतरिम भुगतान करने के आदेश दिए हैं। यह मामला कथित रूप से कर्मचारी को गलत तरीके से सेवा से हटाने और लंबे समय से बकाया भुगतान नहीं किए जाने से संबंधित है।
न्यायालय के आदेश के अनुसार कर्मचारी ने अपने दावे में लगभग 24.25 लाख रुपए की राशि की मांग की थी। अदालत ने अंतरिम राहत के रूप में इस दावे की राशि का एक-चौथाई हिस्सा, यानी 6 लाख रुपए, तथा 25 हजार रुपए हर्जाने के रूप में जमा कराने का निर्देश दिया है।
अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि उक्त राशि कर्मचारी के बैंक खाते में जमा कराई जाए अथवा कर्मचारी के नाम का चेक या डिमांड ड्राफ्ट न्यायालय में प्रस्तुत किया जाए। न्यायालय ने इस भुगतान के लिए 8 जून तक की समयसीमा निर्धारित की है।
न्यायाधीश दिनेश गुप्ता ने आदेश में कहा है कि यदि 8 जून को शाम 6 बजे तक न्यायालय के निर्देशों की पालना नहीं की जाती है तो उसी दिन कुर्की वारंट जारी किया जाएगा। इसके बाद वारंट की तामील के लिए जयपुर पुलिस आयुक्त को भेजा जाएगा।
अदालत ने यह भी कहा है कि आदेश की अवहेलना की स्थिति में होटल परिसर को सीज करने की कार्रवाई की जा सकती है। इसके साथ ही संपत्ति की सुरक्षा और न्यायालय के आदेशों की पालना सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षाकर्मी तैनात करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
मामले को लेकर श्रम न्यायालय की यह सख्त टिप्पणी और संभावित कार्रवाई होटल प्रबंधन के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अब सभी की नजर 8 जून तक होटल प्रबंधन द्वारा न्यायालय के आदेशों की पालना पर बनी हुई है।