Thursday, 04 June 2026

राजस्थान को महिला एवं बाल विकास का मॉडल स्टेट बनाने के निर्देश, दिया कुमारी ने योजनाओं की समीक्षा की


राजस्थान को महिला एवं बाल विकास का मॉडल स्टेट बनाने के निर्देश, दिया कुमारी ने योजनाओं की समीक्षा की

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उप मुख्यमंत्री एवं महिला एवं बाल विकास मंत्री दिया कुमारी की अध्यक्षता में गुरुवार को सचिवालय में महिला एवं बाल विकास विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में शासन सचिव पूनम, आईसीडीएस निदेशक वासुदेव मालावत, महिला अधिकारिता आयुक्त राकेश राजोरिया सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक में उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को राजस्थान को महिला एवं बाल विकास के क्षेत्र में देश का मॉडल राज्य बनाने के लिए संकल्पित होकर कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं और बच्चों के कल्याण से जुड़ी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए ताकि अधिक से अधिक लाभार्थियों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंच सके।

बैठक के दौरान शासन सचिव पूनम ने बताया कि महिला एवं बाल विकास विभाग राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहा है। पोषण ट्रैकर एप, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (पीएमएमवीवाई) तथा बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान की रैंकिंग में राजस्थान देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है।

सीएसआर सहयोग से विकसित होंगी आधुनिक आंगनबाड़ियां

बैठक में कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) के माध्यम से प्रीफेब्रिकेटेड मॉडल आंगनबाड़ियों के विकास पर विशेष चर्चा हुई। अधिकारियों ने उप मुख्यमंत्री के समक्ष आधुनिक सुविधाओं से युक्त आंगनबाड़ी केंद्रों का प्रस्तुतीकरण दिया। प्रस्तावित मॉडल में स्मार्ट क्लास, किचन गार्डन, बाल-मैत्री फर्नीचर, टॉय बैंक और अन्य आधुनिक सुविधाओं को शामिल किया गया है।

दिया कुमारी ने निर्देश दिए कि प्रदेश में किराये के भवनों में संचालित तथा जर्जर अवस्था वाली आंगनबाड़ियों को सीएसआर सहयोग से प्रीफेब्रिकेटेड मॉडल आंगनबाड़ियों में परिवर्तित करने की पायलट परियोजना शुरू की जा सकती है। उन्होंने कहा कि इस दिशा में उद्योगों और कॉर्पोरेट संस्थानों का सहयोग महत्वपूर्ण रहेगा तथा इसके लिए विशेष सीएसआर कार्यशालाएं आयोजित की जानी चाहिए।

लाडो और उड़ान योजनाओं की समीक्षा

उप मुख्यमंत्री ने बैठक में राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी लाडो प्रोत्साहन योजना और उड़ान योजना की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को योजनाओं के प्रभावी संचालन और लाभार्थियों तक समयबद्ध लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए।

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण पर जोर

दिया कुमारी ने कहा कि प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा को मजबूत बनाने के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का नियमित प्रशिक्षण आवश्यक है। उन्होंने खेल-आधारित शिक्षण, डिजिटल तकनीकों के उपयोग और प्रारंभिक शिक्षा के आधुनिक तरीकों पर प्रशिक्षण कार्यक्रमों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।

महिला सुरक्षा केंद्रों को समय पर पूरा करने के निर्देश

बैठक में वन स्टॉप सेंटर योजना की प्रगति की भी समीक्षा की गई। उप मुख्यमंत्री ने प्रदेश में निर्माणाधीन सात वन स्टॉप सेंटरों को सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के माध्यम से निर्धारित समयसीमा में पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि महिला सुरक्षा और सहायता से जुड़े केंद्रों का समय पर संचालन शुरू होना आवश्यक है।

बैठक में महिला सुरक्षा, पोषण, बाल विकास और महिला सशक्तिकरण से संबंधित विभिन्न योजनाओं की प्रगति पर भी विस्तृत चर्चा की गई तथा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

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