



जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रविवार को जयपुर के बिड़ला ऑडिटोरियम में आयोजित भव्य हनुमान कथा का श्रद्धापूर्वक श्रवण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि संतों के सान्निध्य में आयोजित धार्मिक कार्यक्रम समाज में सकारात्मक ऊर्जा, नैतिक मूल्यों और उच्च संस्कारों का संचार करते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत आज अमृतकाल के दौर में तेजी से आगे बढ़ रहा है और विश्व के अग्रणी राष्ट्रों के रूप में अपनी पहचान स्थापित कर रहा है। भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा का प्रभाव अब पूरी दुनिया में दिखाई दे रहा है।
उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने भारत के जिस सांस्कृतिक वैभव और वैश्विक प्रतिष्ठा का सपना देखा था, वह आज साकार होता दिखाई दे रहा है। भव्य राम मंदिर का निर्माण, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, महाकाल लोक तथा बद्रीनाथ और केदारनाथ धाम का जीर्णोद्धार नए भारत की सांस्कृतिक चेतना और आध्यात्मिक पुनर्जागरण के प्रतीक हैं।
मुख्यमंत्री ने अयोध्या में रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा का उल्लेख करते हुए कहा कि 22 जनवरी का दिन देश के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज हो गया है। लंबे इंतजार के बाद जब प्रभु श्रीराम की प्राण-प्रतिष्ठा हुई, तब भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया उस ऐतिहासिक और भावनात्मक क्षण की साक्षी बनी।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राजस्थान सरकार प्रदेश की समृद्ध संस्कृति, धार्मिक विरासत और ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण एवं विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। खाटूश्यामजी, गिरिराजजी और पुष्कर स्थित ब्रह्मा मंदिर सहित प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं के विस्तार तथा आधारभूत ढांचे के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों का विकास केवल आस्था से जुड़ा विषय नहीं है, बल्कि इससे पर्यटन, रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलती है। राज्य सरकार का प्रयास है कि राजस्थान के धार्मिक एवं सांस्कृतिक केंद्रों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिले।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री का वैदिक परंपरा के अनुसार मंत्रोच्चार के साथ स्वागत किया गया। इस दौरान उन्होंने ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद और अथर्ववेद का वाचन कर रहे बटुकों के वैदिक मंत्रोच्चार का श्रवण किया। हनुमान कथा के दौरान बिड़ला ऑडिटोरियम का वातावरण भक्तिमय बना रहा और उपस्थित श्रद्धालु भक्ति एवं आध्यात्मिक भाव में सराबोर नजर आए।
इस अवसर पर विधायक बालमुकुंद आचार्य, ठाकुर गोविन्ददेव चतुर्वेद विद्यापीठ के न्यासी संदीप झंवर, विभिन्न संस्थाओं के पदाधिकारी, गणमान्य नागरिक तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।