



धौलपुर। सवर्ण समाज समन्वय समिति एवं एकीकृत सामान्य वर्ग भारतवर्ष समिति के तत्वावधान में धौलपुर शहर स्थित राजपूत छात्रावास में बैठक आयोजित की गई, जिसमें विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के वर्ष 2026 के नए नियमों को लेकर तीखी आपत्तियां दर्ज कराई गईं। बैठक में क्षत्रिय करणी सेना के संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष राज शेखावत तथा महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संगीता सिंह मुख्य रूप से मौजूद रहे।
बैठक को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि यूजीसी द्वारा वर्ष 2026 में लागू किए गए नए नियम सामान्य वर्ग के हितों के खिलाफ बताए जा रहे हैं। उन्होंने घोषणा की कि इन नियमों के विरोध में 8 मार्च को दिल्ली के रामलीला मैदान में विशाल जनआंदोलन आयोजित किया जाएगा, जिसमें देशभर से सामान्य वर्ग के लोग भाग लेंगे। नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने नियमों को वापस नहीं लिया तो आंदोलन को राष्ट्रीय स्तर पर और व्यापक रूप दिया जाएगा।
संगठन की ओर से मांग रखी गई कि यूजीसी के नए नियमों को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए। साथ ही नई राजपत्र अधिसूचना में प्रयुक्त सभी परिभाषाओं को स्पष्ट, सीमित और गैर-मनमाना बनाया जाए, ताकि किसी भी प्रकार के दुरुपयोग की संभावना समाप्त हो और कानून के समक्ष समान संरक्षण का सिद्धांत सुनिश्चित किया जा सके।
डॉ. संगीता सिंह ने कहा कि नियमों में झूठी, दुर्भावनापूर्ण या तथ्यहीन शिकायतों को रोकने के लिए कठोर दंडात्मक प्रावधान जोड़े जाने चाहिए, जिससे निर्दोष व्यक्तियों की प्रतिष्ठा और मौलिक अधिकारों की रक्षा हो सके। उन्होंने यह भी मांग उठाई कि नियमों की समीक्षा एवं क्रियान्वयन के लिए गठित की जाने वाली नई समिति में संगठन के प्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाए।
बैठक में सवर्ण समाज के बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया और आगामी आंदोलन को सफल बनाने का संकल्प लिया। आयोजकों ने कहा कि आने वाले दिनों में प्रदेश स्तर पर भी जनजागरण अभियान चलाया जाएगा।