



टोंक जिले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मिलावटी दूध बनाने वाली एक अवैध फैक्ट्री का पर्दाफाश किया है। इस फैक्ट्री से अजमेर, टोंक और जयपुर में रोजाना करीब 80 हजार लीटर मिलावटी दूध की सप्लाई की जा रही थी। जिला स्पेशल टीम (DST) ने सोमवार देर रात डिग्गी कस्बे के बागर की ढाणी, देशमा रोड के पास स्थित इस फैक्ट्री पर छापा मारा। कार्रवाई का खुलासा मंगलवार शाम करीब 6:30 बजे किया गया। मौके से पुलिस ने करीब 5500 लीटर मिलावटी दूध, दूध से भरी 5 पिकअप गाड़ियां, एक दूध टैंकर और भारी मात्रा में खतरनाक केमिकल जब्त किए हैं। इस मामले में 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
DST प्रभारी ओम प्रकाश ने बताया कि मिलावटी दूध के जरिए आम जनता की सेहत के साथ खिलवाड़ किया जा रहा था। सूचना पुख्ता होने पर टीम ने योजनाबद्ध तरीके से फैक्ट्री पर दबिश दी। जांच में सामने आया कि दूध तैयार करने के लिए सोयाबीन ऑयल, वनस्पति घी, मलाई उतरे दूध का चूर्ण, लैक्टोज मोनोहाइड्रेट और कास्टिक सोडा जैसे केमिकल्स का इस्तेमाल किया जा रहा था, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक हैं। मौके से सोयाबीन ऑयल 2100 लीटर, वनस्पति घी 500 लीटर, दूध पाउडर 550 किलोग्राम, लैक्टोज मोनोहाइड्रेट 2500 किलोग्राम और कास्टिक सोडा 105 किलोग्राम जब्त किया गया।
कार्रवाई के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारी मदन लाल गुर्जर को भी मौके पर बुलाया गया। उन्होंने मिलावटी दूध के सैंपल लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे हैं। पुलिस ने डिग्गी थाने में मामला दर्ज कर लिया है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि यह मिलावटी दूध किन-किन इलाकों और डेयरियों के माध्यम से सप्लाई किया जा रहा था। पुलिस और खाद्य सुरक्षा विभाग की संयुक्त जांच में आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना है।