



अमेरिका के साथ प्रस्तावित ट्रेड डील को लेकर भारत सरकार का पहला आधिकारिक बयान सामने आया है। केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार को मीडिया से बातचीत में स्पष्ट किया कि इस समझौते में भारत के किसी भी वर्ग या सेक्टर के हितों से कोई समझौता नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि यह ऐसी ट्रेड डील है, जिस पर हर भारतीय को गर्व होना चाहिए। गोयल ने दो टूक कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमेशा कृषि और डेयरी सेक्टर को प्राथमिकता दी है और इस डील में भी इन क्षेत्रों के हितों की पूरी तरह रक्षा की गई है।
पीयूष गोयल ने कहा कि यह समझौता उन सेक्टरों के लिए नए अवसर खोलेगा, जहां ज्यादा श्रम लगता है और जो लाखों लोगों को रोजगार देते हैं। उन्होंने बताया कि इस ट्रेड डील से भारत के इंजीनियरिंग सेक्टर, टेक्सटाइल, मरीन गुड्स, ज्वेलरी और अन्य मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को वैश्विक बाजार में विस्तार का बड़ा मौका मिलेगा। इससे भारत का निर्यात बढ़ेगा और देश में निवेश को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
वाणिज्य मंत्री ने बताया कि इस समझौते को लेकर देशभर में उत्साह का माहौल है। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का धन्यवाद करते हुए कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की मित्रता और भारत की संवेदनशीलताओं का सम्मान किया है। दोनों देशों की ओर से इस ट्रेड डील पर जल्द ही एक साझा बयान जारी किया जाएगा। गोयल ने यह भी कहा कि भारत ने अपने प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में अमेरिका के साथ सबसे बेहतर ट्रेड डील की है।
विपक्ष की आलोचना पर पलटवार करते हुए पीयूष गोयल ने कहा कि कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी सहित अन्य विपक्षी नेता नकारात्मक सोच के चलते इस डील का विरोध कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी देश को गुमराह कर रहे हैं, जबकि इस ट्रेड डील से भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और देश-विदेश में इसकी सराहना हो रही है। गोयल ने कहा कि इस समझौते से 140 करोड़ भारतीयों, खासकर गांवों में रहने वाले गरीबों, किसानों, मछुआरों, युवाओं और महिलाओं को नए अवसर मिलेंगे।