Monday, 19 January 2026

राजस्थान में हाईवे किनारे शराब दुकानों को राहत, सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश पर लगाई अंतरिम रोक


राजस्थान में हाईवे किनारे शराब दुकानों को राहत, सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश पर लगाई अंतरिम रोक

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जयपुर। राजस्थान में नगर निकाय सीमा से गुजरने वाले राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों पर संचालित करीब 1102 शराब की दुकानों को बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने इन दुकानों को हटाने और स्थानांतरित करने संबंधी राजस्थान हाईकोर्ट के आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है। इसके साथ ही फिलहाल इन दुकानों को बंद नहीं किया जाएगा। यह आदेश सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने राज्य सरकार और अन्य लाइसेंसधारकों की ओर से दायर विशेष अनुमति याचिकाओं (SLP) पर सुनवाई करते हुए दिया।

सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता और अतिरिक्त महाधिवक्ता शिवमंगल शर्मा ने अदालत को बताया कि सुप्रीम कोर्ट अपने पूर्व के कई निर्णयों में नगर निकाय सीमा के भीतर स्थित हाईवे से 500 मीटर की दूरी की बाध्यता से राहत दे चुका है। ऐसे में हाईकोर्ट अपने आदेशों के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट द्वारा स्थापित विधि को नजरअंदाज या निष्प्रभावी नहीं कर सकता। इसी तर्क को स्वीकार करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी।

उल्लेखनीय है कि राजस्थान हाईकोर्ट की मुख्यपीठ, जोधपुर ने 24 नवंबर 2025 को एक आदेश जारी कर राज्य सरकार को निर्देश दिए थे कि वह राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों से 500 मीटर की परिधि में स्थित सभी शराब दुकानों की पहचान कर उन्हें हटाए या स्थानांतरित करे, भले ही वे नगर निगम सीमा, स्थानीय स्वशासी निकाय या वैधानिक विकास प्राधिकरण के अंतर्गत क्यों न आती हों। हाईकोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया था कि नगर सीमाओं का विस्तार सुप्रीम कोर्ट द्वारा तय सुरक्षा मानकों को शिथिल करने का आधार नहीं बन सकता।

हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में इन दुकानों को बंद किए जाने से राज्य सरकार को लगभग 2100 करोड़ रुपए के राजस्व नुकसान की आशंका जताई गई थी। हालांकि हाईकोर्ट ने अपने आदेश में सड़क दुर्घटनाओं से जुड़े आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा था कि संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत सार्वजनिक सुरक्षा, संभावित राजस्व नुकसान जैसी वित्तीय चिंताओं पर वरीयता रखती है। इसी आधार पर दुकानों को हटाने के निर्देश दिए गए थे।

अब सुप्रीम कोर्ट की अंतरिम रोक के बाद राज्य सरकार और शराब लाइसेंसधारकों को अस्थायी राहत मिली है। मामले में अगली सुनवाई तक हाईकोर्ट का आदेश लागू नहीं होगा और दुकानों का संचालन यथावत जारी रहेगा।

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