



नई दिल्ली। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर कांग्रेस द्वारा उठाए जा रहे सवालों पर भारतीय जनता पार्टी ने कड़ा पलटवार किया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने नई दिल्ली में आयोजित प्रेसवार्ता में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के बयानों को तथ्यहीन और भ्रामक बताया। उन्होंने कहा कि एसआईआर कोई नई प्रक्रिया नहीं है। वर्ष 1992, 2002, 2003 और 2004 में कांग्रेस सरकारों के कार्यकाल के दौरान भी देश में एसआईआर कराया गया था। ऐसे में आज इसी प्रक्रिया पर सवाल उठाना कांग्रेस की दोहरी मानसिकता और राजनीतिक अवसरवादिता को उजागर करता है।
मदन राठौड़ ने कहा कि एसआईआर का उद्देश्य केवल यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में रहे और अपात्र व्यक्तियों के नाम हटाए जाएं। इसमें किसी भी प्रकार का जाति, धर्म या वर्ग आधारित भेदभाव नहीं होता। चुनाव आयोग पूरी निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ संवैधानिक दायरे में यह प्रक्रिया संचालित करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के पास कोई सकारात्मक मुद्दा नहीं बचा है, इसलिए वह जनता को गुमराह करने के लिए अफवाहों और निराधार आरोपों का सहारा ले रही है।
डोटासरा विधानसभा जाना नहीं चाहते,सदन का सामना करने से बचते और जनता को कर रहे है गुमराह: प्रेमचंद बैरवा
उप मुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा ने भी कांग्रेस के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि एसआईआर की पूरी प्रक्रिया कानून के तहत निर्धारित है। इसमें किसी भी नागरिक को आपत्ति दर्ज कराने का अधिकार है और हर आपत्ति की विधिवत जांच की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि अधिक संख्या में फॉर्म जमा होने का मतलब यह नहीं है कि सभी स्वीकार कर लिए जाएंगे, बल्कि केवल वास्तविक और पात्र मतदाताओं के नाम ही सूची में बने रहेंगे।
प्रेमचंद बैरवा ने कहा कि कांग्रेस हमेशा उन्हीं व्यवस्थाओं पर सवाल उठाती है, जिन्हें उसने स्वयं लागू किया था। ईवीएम कांग्रेस की ही देन है, लेकिन चुनाव हारते ही वही ईवीएम पर सवाल उठाने लगती है। इसी तरह एसआईआर कांग्रेस शासनकाल में भी होता रहा है, लेकिन अब राजनीतिक लाभ के लिए इसे विवादित बनाया जा रहा है।
उन्होंने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा पर तंज कसते हुए कहा कि वे विधानसभा जाना नहीं चाहते और सदन का सामना करने से बच रहे हैं। अगर कांग्रेस को बहस करनी है तो विधानसभा में आए और सरकार के दो साल के कार्यकाल की तुलना अपने पांच साल के शासन से करे। उन्होंने कहा कि सरकार हर मुद्दे पर चर्चा और जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है।
प्रेमचंद बैरवा ने राइजिंग राजस्थान अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि कांग्रेस इस पर भी सवाल उठा रही है, जबकि अब तक 8 लाख करोड़ रुपये के एमओयू धरातल पर उतर चुके हैं और 90 हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिला है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को भ्रम फैलाने के बजाय तथ्यात्मक चर्चा करनी चाहिए, क्योंकि जनता सब देख और समझ रही है।