



उदयपुर। श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना की राष्ट्रीय अध्यक्ष शीला सुखदेव सिंह गोगामेड़ी ने सुखदेव सिंह गोगामेड़ी हत्याकांड की जांच को लेकर सरकार पर सवाल उठाते हुए मांग की है कि मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) से हटाकर वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी दिनेश एमएन को सौंपी जाए। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ऐसा नहीं कर पाती है तो उन्हें इच्छा मृत्यु (मर्सी किलिंग) की अनुमति दी जाए। सोमवार को उदयपुर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान शीला गोगामेड़ी ने कहा कि इस हत्याकांड को हुए सवा दो साल से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन एनआईए अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर पाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में अब भी रंगदारी के लिए कॉल आ रहे हैं और व्यापारियों की हत्याएं हो रही हैं। उन्होंने कहा कि रोहित गोदारा और वीरेंद्र चारण जैसे आरोपी गुजरात में खुलेआम घूम रहे हैं और रंगदारी का नेटवर्क चला रहे हैं।
इस दौरान करणी सेना के राष्ट्रीय महामंत्री योगेंद्र सिंह कटार ने घोषणा की कि 29 मार्च को जयपुर में मुख्यमंत्री निवास (सीएम हाउस) का घेराव किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस बार करणी सेना आर-पार की लड़ाई के रूप में महापड़ाव करेगी। उदयपुर के जिलाध्यक्ष अर्जुन सिंह चुंडावत गढ़पुरा ने कहा कि उदयपुर से भी बड़ी संख्या में राजपूत युवा जयपुर जाकर आंदोलन में भाग लेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार इस मामले में गंभीर निर्णय नहीं लेती है तो आगामी पंचायतीराज चुनावों में इसका जवाब दिया जाएगा।
करणी सेना की राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कन्हैयालाल हत्याकांड का मुद्दा भी उठाते हुए कहा कि उस मामले में भी अब तक न्याय नहीं मिल पाया है। उन्होंने कहा कि घटना के समय पुलिस ने आरोपियों को पकड़ लिया था, इसके बावजूद पीड़ित परिवार को अब तक न्याय नहीं मिला। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि नेताओं को कन्हैयालाल के परिवार की चिंता होती तो इस मुद्दे को विधानसभा में उठाया जाता। इस दौरान राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अभयराज सिंह गोगामेड़ी और लाल सिंह झाला सहित संगठन के अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे।