


जयपुर। राजस्थान विधानसभा के बजट सत्र का मंगलवार अंतिम दिन है। विधानसभा में प्रश्नकाल के साथ कार्रवाई शुरू हो गई है।अंतिम दिन सदन में कई महत्वपूर्ण विधेयकों और मुद्दों पर चर्चा के बाद निर्णय लिया जाएगा।
मंगलवार को विधानसभा में राजस्थान नगरपालिका संशोधन विधेयक 2026 और महाराणा प्रताप खेलकूद विश्वविद्यालय विधेयक 2026 को बहस के बाद पारित किए जाने की संभावना है। नगरपालिका संशोधन विधेयक के जरिए शहरी निकाय चुनावों में दो से अधिक बच्चों वाले व्यक्तियों के चुनाव लड़ने पर लगी रोक हटाने का प्रावधान किया जाएगा। इसके साथ ही राजस्थान नगरपालिका अधिनियम की धारा 18(2) में संशोधन कर कुष्ठ रोग से पीड़ित व्यक्तियों के चुनाव लड़ने पर लगी रोक भी समाप्त की जाएगी। यह संशोधन सुप्रीम कोर्ट के मई 2025 के उस आदेश के अनुरूप किया जा रहा है, जिसमें कुष्ठ रोगियों के साथ भेदभाव समाप्त करने की बात कही गई थी।
इससे पहले सोमवार को विधानसभा में राजस्थान पंचायतीराज संशोधन विधेयक 2026 पारित कर पंचायत चुनावों में दो बच्चों की बाध्यता समाप्त कर दी गई है। आज नगरपालिका कानून में संशोधन के बाद यह प्रावधान शहरी निकाय चुनावों में भी समाप्त हो जाएगा।
सदन में आज शून्यकाल के दौरान कई महत्वपूर्ण मुद्दे भी उठेंगे। चार विधायक ध्यानाकर्षण प्रस्तावों के माध्यम से सोलर कंपनियों को जमीन आवंटन से उत्पन्न पर्यावरणीय समस्याओं, सरिस्का टाइगर रिजर्व की सीमा विस्तार से होने वाली दिक्कतों, और अन्य मामलों को उठाएंगे। कांग्रेस विधायक कांति प्रसाद मीणा सरिस्का टाइगर रिजर्व के विस्तार से संभावित विस्थापन के मुद्दे पर ध्यानाकर्षण प्रस्ताव लाएंगे, जिस पर वन राज्य मंत्री संजय शर्मा जवाब देंगे। भाजपा विधायक गुरवीर सिंह सादुलशहर की ग्राम सेवा सहकारी समिति खाटसजवार में कथित गबन और अनियमितताओं का मामला उठाएंगे, जबकि भाजपा विधायक छोटूसिंह भाटी जैसलमेर जिले में सोलर परियोजनाओं के लिए अनियोजित तरीके से जमीन आवंटन से होने वाली पर्यावरणीय समस्याओं का मुद्दा उठाएंगे। वहीं बसपा विधायक मनोज कुमार भ्रष्टाचार के एक मामले में एफआर लगाने का मुद्दा उठाएंगे, जिस पर गृह राज्य मंत्री जवाब देंगे।
विधानसभा की कार्यवाही के दौरान आज तीन पूर्व विधायकों को भी श्रद्धांजलि दी जाएगी। हाल ही में दिवंगत हुए पूर्व मंत्री हेमसिंह भडाना, पूर्व कांग्रेस विधायक रामलाल मेघवाल और पूर्व सीपीएम विधायक हेतराम बेनीवाल को सदन में दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी।