



जयपुर। राजस्थान विधानसभा में मंगलवार को प्रश्नकाल के दौरान कानून मंत्री जोगाराम पटेल और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। यह मामला भाजपा विधायक आदूराम मेघवाल द्वारा चौहटन कोर्ट परिसर में वकीलों के लिए चेंबर और फरियादियों के लिए सुविधाएं उपलब्ध कराने से जुड़े सवाल के दौरान सामने आया। कानून मंत्री जोगाराम पटेल ने जवाब देते हुए कहा कि फिलहाल इस संबंध में कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। उन्होंने बताया कि न्यायालयों में लंबित मामलों की संख्या कम हुई है और जितने मामले आए हैं, उससे अधिक मामलों का निस्तारण किया गया है।
इस पर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सरकार के जवाब पर सवाल उठाते हुए कहा कि हर सवाल पर मंत्री का एक जैसा जवाब मिलता है। उन्होंने कहा कि जो भी विधायक नए कोर्ट खोलने या सुविधाओं से जुड़ा सवाल पूछते हैं, उन्हें एक ही तरह का जवाब दिया जाता है और सरकार घोषणाओं को पूरा करने की कोई समय सीमा भी नहीं बता रही है।
जूली के इस बयान पर कानून मंत्री जोगाराम पटेल ने पलटवार करते हुए कहा कि यदि आपने मुझे जवाब देने के लिए आमंत्रित किया है तो पूरी बात भी सुनिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के कार्यकाल में केवल दो जिला अदालतें खोली गई थीं, जबकि वर्तमान सरकार ने आठ जिला अदालतें शुरू की हैं। इसके अलावा कांग्रेस सरकार के समय केवल एक एसीबी कोर्ट खोला गया था, जबकि वर्तमान सरकार ने पांच एसीबी कोर्ट स्थापित किए हैं। उन्होंने कहा कि उनके पास सभी आंकड़े उपलब्ध हैं और सरकार न्यायिक ढांचे को मजबूत करने की दिशा में लगातार काम कर रही है।
उल्लेखनीय है कि इससे एक दिन पहले विधानसभा में खेल मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने खेल विभाग में कोचों की भर्ती प्रक्रिया शुरू किए जाने की जानकारी दी थी, जिस पर भी सदन में चर्चा हुई थी।
विधानसभा में प्रश्नकाल में गहमागहमी विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान कानून मंत्री जोगाराम पटेल और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के बीच मंगलवार को नोकझोंक हो गई। भाजपा विधायक आदूराम मेघवाल के चौहटन कोर्ट परिसर में वकीलों के लिए चेंबर और फरियादियों से जुड़ी सुविधाओं के सवाल पर कानून मंत्री ने जवाब दिया कि अभी कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। जितने केस आए उससे ज्यादा डिस्पोजल हुए हैं। पेंडेंसी कम हुई है। भाजपा विधायक बोले- उपजिला अस्पताल में केवल दो डॉक्टर हैं आमागढ़ किले के रास्ते के मुद्दे पर विधानसभा में हंगामा, वन राज्य मंत्री संजय शर्मा और प्रतिपक्ष उप नेता रामकेश मीणा में नोकझोंक जयपुर। राजस्थान विधानसभा में मंगलवार को प्रश्नकाल के दौरान जयपुर के पास स्थित आमागढ़ किले तक पहुंचने के लिए रास्ता बनाने के मुद्दे पर जोरदार हंगामा देखने को मिला। इस दौरान उपनेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस विधायक रामकेश मीणा तथा वन राज्य मंत्री संजय शर्मा के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। सदन में बढ़ते शोर-शराबे के बीच विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने नाराजगी जताते हुए सदस्यों को संयम बनाए रखने की हिदायत दी। रामकेश मीणा द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में वन राज्य मंत्री संजय शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार सनातन ध्वज को लेकर चलने वाली सरकार है और आमागढ़ किले तक पहुंचने के लिए रास्ता बनाने का काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पिछली कांग्रेस सरकार के समय मौजूदा मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा आमागढ़ में ध्वज फहराना चाहते थे, लेकिन उस समय उन्हें रोका गया था। मंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार इस मामले में सकारात्मक रुख रखते हुए आमागढ़ तक पहुंचने वाले रास्ते का रखरखाव वन विभाग के माध्यम से कराएगी। संजय शर्मा ने यह भी कहा कि राज्य सरकार वन क्षेत्रों में स्थित हेरिटेज प्रॉपर्टी और प्राचीन मंदिरों के संरक्षण के लिए भी कार्य करेगी। हालांकि मंत्री के बयान के दौरान विपक्षी सदस्यों ने आपत्ति जताई, जिसके कारण सदन में कुछ देर के लिए हंगामे जैसी स्थिति बन गई।