Tuesday, 10 March 2026

जयपुर के अमरूदों का बाग और अंबेडकर सर्किल में रैली-धरने पर रोक बरकरार, सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाएं खारिज की


जयपुर के अमरूदों का बाग और अंबेडकर सर्किल में रैली-धरने पर रोक बरकरार, सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाएं खारिज की

जयपुर शहर के अमरूदों का बाग, अंबेडकर सर्किल और जनपथ क्षेत्र में रैली, सभा, धरना-प्रदर्शन और किसी भी प्रकार के सार्वजनिक समारोह पर लगी रोक फिलहाल जारी रहेगी। सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान हाईकोर्ट द्वारा वर्ष 2018 में लगाई गई इस रोक को हटाने से इनकार कर दिया है। जस्टिस पी. एस. नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की खंडपीठ ने प्रशासक जस्टिस सुदर्शन कुमार मिश्रा (सेवानिवृत्त) और एसएमएस इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन की ओर से दायर याचिकाओं का निस्तारण करते हुए यह आदेश दिया।

याचिकाओं में हाईकोर्ट के 5 सितंबर 2018 के उस आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसमें इन क्षेत्रों में राजनीतिक रैली, सभा, धरना-प्रदर्शन और अन्य सार्वजनिक कार्यक्रमों पर रोक लगा दी गई थी।

सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता शिव मंगल शर्मा ने अदालत को बताया कि हाईकोर्ट के आदेश की पालना में सरकार ने 8 सितंबर 2018 को ही इन क्षेत्रों को साइलेंस जोन और नो-वेंडिंग जोन घोषित कर दिया था। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि राज्य सरकार को कानून के तहत अलग से आदेश जारी करना चाहिए। सरकार ने इसके लिए आठ सप्ताह का समय मांगा है।

दरअसल, वर्ष 2018 में अमरूदों के बाग क्षेत्र में आयोजित एक बड़ी राजनीतिक सभा के कारण पूरे इलाके में भारी ट्रैफिक जाम लग गया था। कई मार्गों को बंद और डायवर्ट करना पड़ा था, जिससे वकील, पक्षकार और यहां तक कि न्यायाधीश भी जाम में फंस गए थे और उन्हें समय पर हाईकोर्ट पहुंचने में परेशानी हुई थी। रिपोर्ट्स के अनुसार जाम के कारण कई एंबुलेंस भी अस्पताल समय पर नहीं पहुंच सकीं थीं।

इस घटना के बाद हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए कार्यालय समय के दौरान इस पूरे क्षेत्र में किसी भी प्रकार की रैली, सभा, प्रदर्शन और सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित करने पर रोक लगा दी थी, जिसे अब सुप्रीम कोर्ट ने भी बरकरार रखा है।

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