



जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती में विपक्ष की महत्वपूर्ण भूमिका होती है और विपक्ष के सुझावों पर विचार करना भी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि राजस्थान विधानसभा में नियमों और परंपराओं के अनुरूप कार्यवाही हो रही है, जिससे लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूती मिल रही है। मुख्यमंत्री मंगलवार को जयपुर स्थित कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ राजस्थान में आयोजित समारोह में राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी द्वारा लिखित पुस्तकों “संसदीय संस्कृति का उत्कर्ष: नवाचारों के दो वर्ष” और “सनातन संस्कृति की अटल दृष्टि” के नवीन संस्करण के विमोचन समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया और दोनों पुस्तकों का विमोचन करते हुए देवनानी को उत्कृष्ट लेखन के लिए बधाई दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह समारोह लोकतांत्रिक मूल्यों और संसदीय संस्कृति की सतत यात्रा का उत्सव है। उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों में विधानसभा में किए गए नवाचारों से जनता का लोकतंत्र और संसदीय व्यवस्था पर विश्वास मजबूत हुआ है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाएं तब ही सशक्त बनती हैं जब वे परंपरा और नवाचार के बीच संतुलन बनाते हुए पारदर्शिता और जनभागीदारी को केंद्र में रखकर कार्य करती हैं।
विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा कि राजस्थान विधानसभा का अमृत महोत्सव पूरे उत्साह के साथ मनाया जाएगा और संसदीय संस्कृति को सुदृढ़ करने के लिए कई नवाचार किए गए हैं। उन्होंने बताया कि विधानसभा के राजनीतिक आख्यान संग्रहालय को अब तक 50 हजार से अधिक लोग देख चुके हैं, जो लोकतंत्र के प्रति जनता की बढ़ती आस्था का संकेत है। देवनानी ने कहा कि विधानसभा में सेंट्रल हॉल के निर्माण का कार्य भी शुरू किया जा रहा है, जिसके लिए राज्य सरकार ने बजट में 14 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।
उन्होंने बताया कि विधानसभा में संविधान गैलरी, वंदे मातरम की 150वीं जयंती पर वंदे मातरम दीर्घा और कारगिल शौर्य वाटिका जैसे नवाचार किए गए हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि आने वाले समय में विधानसभा में विधायकों द्वारा पूछे गए प्रश्नों के जवाब लंबित नहीं रहने दिए जाएंगे और जनहित से जुड़े मुद्दों पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
समारोह में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि विधानसभा का सत्र शानदार रहा और सदन में ऐतिहासिक कार्य हुए हैं। उन्होंने कहा कि विधानसभा में पक्ष और विपक्ष दोनों को अपनी बात रखने का पूरा अवसर मिलता है और स्पीकर का संरक्षण ही विपक्ष को मजबूती प्रदान करता है। संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने भी देवनानी द्वारा किए गए नवाचारों की सराहना करते हुए कहा कि विधानसभा संग्रहालय को देखने वालों की संख्या में ऐतिहासिक वृद्धि हुई है और आमजन का जुड़ाव लोकतांत्रिक संस्थाओं से बढ़ा है। कार्यक्रम में मंत्रीमंडल के सदस्य, विधायक, जनप्रतिनिधि, कुलपति, शिक्षाविद और कई गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।