



जयपुर नगर जयपुर में रामबाग सर्किल पर लगाया गया हाई-टेक एयर प्यूरीफायर इन दिनों चर्चा का केंद्र बना हुआ है। यह एयर प्यूरीफायर नीदरलैंड्स की डच कंपनी Static Air और उसकी भारतीय साझेदार कंपनी Klenviron Technologies Pvt. Ltd. (मुंबई) द्वारा एक पायलट प्रोजेक्ट के तहत स्थापित किया गया है।
यह पूरा प्रोजेक्ट जयपुर नगर निगम (JMC) की पहल पर शुरू किया गया है, जिसका उद्देश्य शहर की वायु गुणवत्ता में तकनीकी सुधार लाना है। प्यूरीफायर को CSR फंडिंग के तहत लगाया गया है, और प्रोजेक्ट सफल रहने पर भविष्य में इनकी संख्या शहरभर में बढ़ाई जाएगी। यह तकनीक हवा में मौजूद धूल, प्रदूषण और प्रदूषक कणों को कम करने में मदद करेगी और जयपुर में वायु गुणवत्ता सुधार के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यह प्यूरीफायर 10 नवंबर को लगाया गया है और इसे CSR (Corporate Social Responsibility) पहल के तहत संचालित किया जा रहा है।
कंपनी के प्रतिनिधि संजोग लुंकार के अनुसार, यह प्रोजेक्ट कुछ सप्ताह तक परीक्षण के तौर पर चलेगा, जिसके परिणाम सरकार के साथ साझा किए जाएंगे। यदि यह प्रणाली सफल सिद्ध होती है, तो शहर में इसके और इंस्टॉलेशन किए जाएंगे।
Static Air के अनुसार, जयपुर में चल रहा यह पायलट प्रोजेक्ट इस बात को समझने की दिशा में एक कदम है कि उनकी तकनीक भारतीय पर्यावरण परिस्थितियों के अनुरूप कैसे काम करती है, जहां औसत AQI दुनिया के कई देशों की तुलना में काफी खराब होता है। पारंपरिक एयर प्यूरीफायर की तरह यह मशीन फिल्टर का उपयोग नहीं करती, बल्कि एल्यूमिनियम प्लेट पर आधारित पॉजिटिव आयनाइजेशन तकनीक से हवा में मौजूद प्रदूषक कणों को आकर्षित और ट्रैप करती है। Static Air के मैनेजिंग डायरेक्टर लोकेश जैन ने बताया कि यह तकनीक 0.5 से 10 माइक्रोन तक के अल्ट्रा-फाइन पार्टिकुलेट मैटर को 20 मीटर के दायरे में कम करने की क्षमता रखती है। इस प्रोजेक्ट को जयपुर में प्रदूषण नियंत्रण के लिए संभावित समाधान के रूप में देखा जा रहा है।