कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा और RLP सांसद हनुमान बेनीवाल के बीच चल रही तनातनी आखिरकार सुलह में बदल गई। दोनों नेताओं ने अपने तेवर बदलते हुए एक-दूसरे के प्रति नरमी दिखाई। डॉ. किरोड़ी ने कहा कि अगर उनके बयान से हनुमान बेनीवाल आहत हुए हैं, तो वे मीडिया के सामने माफी मांगते हैं।
इस पर बेनीवाल ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा—“डॉक्टर साहब मेरे बड़े भाई हैं, उन्हें माफी मांगने की कोई जरूरत नहीं है।” साथ ही, बेनीवाल ने नरेश मीणा को जेल से छुड़वाने की मांग भी रख दी। उन्होंने कहा कि नरेश मीणा ने हमेशा डॉ. किरोड़ी के लिए संघर्ष किया है, इसलिए उन्हें जेल से बाहर आना चाहिए।
इससे पहले 27 अगस्त को SI भर्ती परीक्षा के मुद्दे पर एक टीवी चैनल के लाइव शो में दोनों नेताओं की जमकर बहस हुई थी। फोन पर हुई इस गरमागरमी में डॉ. किरोड़ी ने बेनीवाल को “लुटेरा और चोर” कह डाला, वहीं बेनीवाल ने भी पलटवार करते हुए किरोड़ी पर “चोरों को बचाने” का आरोप लगाया। करीब चार मिनट तक दोनों ने एक-दूसरे को खरी-खोटी सुनाई, जिससे रिश्तों में खटास आ गई थी।
अब बेनीवाल ने इस विवाद पर सफाई देते हुए कहा कि अगर वे आमने-सामने होते तो झगड़ा नहीं होता। टीवी चैनल ने मुद्दा घुमाकर पेश किया और बयान तोड़-मरोड़कर दिखाए, जिससे गलतफहमियां पैदा हुईं। बेनीवाल ने आरोप लगाया कि मीडिया ने टीआरपी के लिए उन्हें आपस में भिड़ा दिया।
डॉ. किरोड़ी और बेनीवाल का राजनीतिक रिश्ता पुराना रहा है। दोनों पहले भी मंच साझा कर चुके हैं और एक-दूसरे के सहयोगी रहे हैं। जब किरोड़ी ने बीजेपी से अलग होकर नई पार्टी बनाई थी, तब भी दोनों के बीच गठबंधन था। उनके समर्थक वर्ग को यह झगड़ा नागवार गुजरा। दोनों को एहसास हुआ कि इस विवाद से उनकी छवि और राजनीतिक प्रभाव पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। इसी कारण जल्द ही दोनों नेताओं ने सुलह कर ली और सार्वजनिक रूप से अपने रिश्ते सुधार लिए।