छीपाबड़ौद। बारां जिले के छीपाबड़ौद क्षेत्र में हुई मूक-बधिर रामचरण सुमन की निर्मम हत्या और डकैती की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है। पुलिस अधीक्षक अभिषेक अंदासु के निर्देशन में की गई जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि यह जघन्य वारदात मृतक के ही परिवार के सदस्य ने गड़े धन के लालच में अपने साथियों के साथ मिलकर रची थी।
घटना 3 अगस्त को ग्राम रावां में हुई थी। सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची तो देखा गया कि मृतक के हाथ-पैर बंधे थे और मुंह पर टेप चिपका हुआ था। घर के अंदर खुदा हुआ गड्ढा इस ओर इशारा कर रहा था कि वहां से गहने व नकदी निकाल ली गई है।
पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए वृत्ताधिकारी विकास कुमार के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की। गहन जांच और तकनीकी अनुसंधान के बाद टीम ने इस ब्लाइंड मर्डर का खुलासा कर 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया: राजा अली पुत्र अब्दुल गफ्फार (27),राजेंद्र सुमन उर्फ बल्लू पुत्र छीतरलाल (27),विनोद कुमार सुमन पुत्र लक्ष्मीचंद (27),कमल किशोर सुमन पुत्र राधेश्याम (27),ललित नागर पुत्र चंद्रमोहन (24),भूरालाल उर्फ भूरा सुमन पुत्र घनश्याम (31) (सभी निवासी छीपाबड़ौद क्षेत्र) परिवार का सदस्य निकला मास्टरमाइंड:पूछताछ में सामने आया कि मृतक के भाई का पोता कमल सुमन इस साजिश का मुख्य षड्यंत्रकारी है। उसे यह जानकारी थी कि रामचरण सुमन के घर में जमीन के नीचे धन और गहने गड़े हुए हैं और वह अक्सर अकेला रहता था। कमल ने अपने जान-पहचान के लोगों को बाहर से बुलाकर इस वारदात की योजना बनाई।
पुलिस अब चोरी किए गए गहनों और नकदी की बरामदगी के प्रयास में जुटी है और फरार अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। ऑपरेशन में शामिल रही टीम:थानाधिकारी छीपाबड़ौद अजीत सिंह मय जाप्ता,थानाधिकारी हरनावदाशाहजी बृजेश सिंह मय जाप्ता,साइबर सेल प्रभारी एएसआई जगदीश चंद्र शर्मा शामिल रहे।