Monday, 31 August 2026

जयपुर भाजपा में टिकट फाइनल होना शुरू: ज्योति खंडेलवाल वार्ड 110 से मैदान में, कुसुम यादव का टिकट कटा, वार्ड 101 पर फैसला अटका


जयपुर भाजपा में टिकट फाइनल होना शुरू: ज्योति खंडेलवाल वार्ड 110 से मैदान में, कुसुम यादव का टिकट कटा, वार्ड 101 पर फैसला अटका

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जयपुर। नगर निकाय चुनाव में नामांकन के आखिरी दिन भाजपा ने जयपुर नगर निगम के प्रत्याशियों को अंतिम रूप देना तेज कर दिया है। पार्टी की आधिकारिक सूची जारी होने से पहले ही चयनित दावेदारों को फोन कर टिकट मिलने की सूचना दी जा रही है। इसी प्रक्रिया में पूर्व मेयर ज्योति खंडेलवाल, निवर्तमान पार्षद नीरज अग्रवाल, पूर्व निगम चेयरमैन भवानी सिंह राजावत और वरिष्ठ भाजपा नेता सुनील कोठारी जैसे प्रमुख नाम सामने आए हैं।

जयपुर नगर निगम में इस बार 150 वार्ड हैं और 31 अगस्त नामांकन का अंतिम दिन है। शहर में नामांकन के लिए 15 केंद्र बनाए गए हैं। भाजपा ने अभी पूरी अधिकृत सूची सार्वजनिक नहीं की है, इसलिए सामने आ रहे नामों की अंतिम पुष्टि पार्टी की औपचारिक घोषणा और सिंबल जमा होने के बाद होगी।

वार्ड 110 से ज्योति खंडेलवाल का नाम सबसे चर्चित

किशनपोल विधानसभा क्षेत्र के वार्ड नंबर 110 से पूर्व मेयर ज्योति खंडेलवाल को भाजपा प्रत्याशी बनाए जाने की सूचना मिली है।

ज्योति खंडेलवाल लंबे समय तक कांग्रेस में सक्रिय रही थीं और जयपुर की मेयर भी रह चुकी हैं। उन्होंने 2023 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस छोड़कर भाजपा जॉइन की थी।

टिकट की सूचना मिलने के बाद उन्होंने कहा कि पार्टी ने उन्हें जो जिम्मेदारी दी है, उसे पूरी निष्ठा के साथ निभाएंगी और वार्ड की जनता के साथ मिलकर विकास का काम करेंगी।

कुसुम यादव बाहर, सुनील कोठारी की एंट्री

वार्ड नंबर 112 में भाजपा ने बड़ा बदलाव किया है। यहां निवर्तमान मेयर कुसुम यादव का टिकट कटने की जानकारी सामने आई है।

उनकी जगह पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष सुनील कोठारी को मैदान में उतारे जाने की चर्चा है। कोठारी लंबे समय से संगठन में सक्रिय रहे हैं और जयपुर में भाजपा टिकट के प्रमुख दावेदारों में शामिल थे।

इस फैसले को इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि कुसुम यादव जयपुर हेरिटेज नगर निगम में कार्यवाहक मेयर की जिम्मेदारी संभाल चुकी हैं।

कांग्रेस से आए नीरज अग्रवाल को भी मौका

वार्ड नंबर 121 से निवर्तमान पार्षद नीरज अग्रवाल को भाजपा प्रत्याशी बनाए जाने की सूचना है। नीरज अग्रवाल कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे।

इसके अलावा वार्ड 89 से पूर्व निगम चेयरमैन भवानी सिंह राजावत और वार्ड 12 से राजेंद्र सैनी का नाम भी लगभग तय माना जा रहा है।

वार्ड 101 पर तीन नाम, फैसला अभी बाकी

सिविल लाइंस विधानसभा क्षेत्र का वार्ड नंबर 101 सबसे ज्यादा चर्चा में है। यहां भाजपा अभी किसी एक नाम पर सहमति नहीं बना सकी है।

सूत्रों के अनुसार शुरुआत में विधायक गोपाल शर्मा की ओर से राजेश ताम्बी के नाम की पैरवी की गई थी। बाद में सुरेश गोयल का नाम सामने आया, जबकि पार्टी के आंतरिक सर्वे में मनोज मुद्गल को मजबूत दावेदार बताए जाने की चर्चा है।

मनोज मुद्गल पहले कांग्रेस पार्षद रहे हैं और सितंबर 2024 में अन्य कांग्रेस पार्षदों के साथ भाजपा में शामिल हुए थे।

तीन अलग-अलग नामों पर बनी खींचतान के कारण वार्ड 101 को फिलहाल होल्ड रखा गया है। इस सीट पर अंतिम फैसला अलग बैठक में होने की संभावना है।

सांगानेर में सबसे ज्यादा नाम लगभग तय

सांगानेर विधानसभा क्षेत्र के कई वार्डों में भी भाजपा ने संभावित प्रत्याशियों पर सहमति बना ली है। हालांकि इन नामों की आधिकारिक घोषणा अभी बाकी है।

वार्डसंभावित प्रत्याशी
38गणेश नारायण जाट
39भवन लील
40गंगवाल
41दयाल सिंह भाकर
42अशोक राव तानी
43शैलेंद्र भार्गव
44नवीन भंडारी
45जसवंत बैरवा
46पांडे
47दीपा नाथावत
48सिद्धार्थ टोंदवाल
49मुकेश काका
50पहलाद चावला
51महेंद्र छिपा
52पूरन माली
54कमल किशोर शर्मा
56रेखा सैनी
57गिर्राज शर्मा मदाऊ
58सरोज वर्मा

पहले फोन, फिर सिंबल, बाद में लिस्ट

भाजपा इस बार टिकट घोषणा की प्रक्रिया को बेहद नियंत्रित तरीके से चला रही है। पार्टी संभावित बगावत और टिकट नहीं मिलने वाले दावेदारों की नाराजगी को देखते हुए पूरी सूची पहले सार्वजनिक नहीं कर रही।

चयनित उम्मीदवारों को फोन या संगठन के माध्यम से पहले सूचना दी जा रही है, ताकि वे नामांकन की प्रक्रिया पूरी कर सकें। इसके बाद पार्टी सिंबल और अधिकृत दस्तावेज रिटर्निंग ऑफिसर के पास जमा होंगे।

यही वजह है कि भाजपा की आधिकारिक सूची आने से पहले ही कई नाम बाहर आ गए हैं, लेकिन अंतिम स्थिति सिंबल और अधिकृत सूची से ही स्पष्ट होगी।

150 वार्डों में अभी कई सीटों पर मंथन जारी

जयपुर नगर निगम के सभी 150 वार्डों में भाजपा के पास एक से अधिक दावेदार रहे हैं। पार्टी ने कई सीटों पर तीन-तीन नामों का पैनल बनाकर सर्वे, संगठन और स्थानीय विधायकों की राय के आधार पर चयन किया है।

जिन वार्डों में विधायक, संगठन और सर्वे की राय अलग रही, वहां अंतिम निर्णय में देरी हुई है। वार्ड 101 इसका सबसे बड़ा उदाहरण है।

अब नामांकन का अंतिम दिन होने के कारण भाजपा के बाकी उम्मीदवारों के नाम भी तेजी से सामने आने की उम्मीद है। आधिकारिक सूची और पार्टी सिंबल जमा होने के बाद जयपुर की चुनावी तस्वीर काफी हद तक साफ हो जाएगी।

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