



जयपुर। जयपुर की ऐतिहासिक पोलो परंपरा में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। राजस्थान डोमेस्टिक ट्रैवल मार्ट (RDTM) 2026 के दौरान 18 सितंबर को राजस्थान पोलो ग्राउंड पर नाइट पोलो मैच आयोजित करने की तैयारी है। आयोजकों के अनुसार इस मैदान पर पहली बार फ्लड लाइट्स की रोशनी में पोलो मुकाबला खेला जाएगा।
इसके लिए राजस्थान पोलो ग्राउंड में फ्लड लाइट्स की व्यवस्था की गई है। रात के समय घोड़ों की रफ्तार और खिलाड़ियों के रोमांचक खेल को देखने का अनुभव जयपुरवासियों के साथ देशभर से RDTM में आने वाले पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर के प्रतिनिधियों के लिए भी खास होगा।
RDTM का छठा संस्करण 17 से 19 सितंबर 2026 तक जयपुर में आयोजित होना है। फेडरेशन ऑफ हॉस्पिटैलिटी एंड टूरिज्म ऑफ राजस्थान (FHTR) इसे राजस्थान पर्यटन विभाग के सहयोग से आयोजित कर रहा है।
FHTR अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह शाहपुरा के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने जयपुर के पूर्व राजपरिवार के सदस्य और अंतरराष्ट्रीय पोलो खिलाड़ी सवाई पद्मनाभ सिंह से मुलाकात की।
प्रतिनिधिमंडल ने उन्हें राजस्थान डोमेस्टिक ट्रैवल मार्ट और उसके दौरान प्रस्तावित नाइट पोलो मैच की जानकारी देते हुए कार्यक्रम के लिए आमंत्रित किया।इस दौरान RDTM के माध्यम से राजस्थान के पर्यटन को नए अनुभवों और आयोजनों से जोड़ने को लेकर भी चर्चा हुई।
जयपुर पहले से ही देश और दुनिया में अपनी पोलो विरासत के लिए जाना जाता है। राजस्थान पोलो क्लब की स्थापना की जड़ें जयपुर पोलो क्लब से जुड़ी हैं, जिसकी शुरुआत 1918 में हुई थी।
हाल के वर्षों में जयपुर में पोलो को और आधुनिक स्वरूप देने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। राजस्थान पोलो क्लब ने मैदान में फ्लड लाइट्स लगाने और भविष्य में नाइट पोलो कराने की योजना पहले ही सामने रखी थी। इसका उद्देश्य जयपुर में पोलो सीजन को विस्तारित करना और शहर को अंतरराष्ट्रीय पोलो केंद्र के रूप में विकसित करना है। सवाई पद्मनाभ सिंह भी जयपुर को विश्व स्तर पर प्रमुख पोलो हब के रूप में विकसित करने की बात करते रहे हैं। जयपुर पोलो टीम के अनुसार उनकी कोशिश शहर की ऐतिहासिक पोलो विरासत को आधुनिक दौर से जोड़ने और नए दर्शकों तक पहुंचाने की है।
दिन में खेले जाने वाले पारंपरिक पोलो के मुकाबले नाइट पोलो में रोशनी की स्थिति खिलाड़ियों और घोड़ों दोनों के लिए अलग अनुभव लेकर आती है।
फ्लड लाइट्स में गेंद की विजिबिलिटी, मैदान पर पड़ने वाली रोशनी और घोड़ों को नए वातावरण के अनुरूप तैयार करना महत्वपूर्ण होता है। जयपुर में नाइट पोलो की योजना के साथ घोड़ों को फ्लड लाइट्स के माहौल में प्रशिक्षण देने की तैयारी का उल्लेख भी पहले किया जा चुका है। ऐसे में 18 सितंबर का प्रस्तावित मुकाबला केवल मनोरंजन ही नहीं, बल्कि जयपुर पोलो के आधुनिक विस्तार की दिशा में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
राजस्थान डोमेस्टिक ट्रैवल मार्ट राज्य के पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर का प्रमुख B2B आयोजन है। इसमें होटल, रिसॉर्ट, ट्रैवल एजेंट, टूर ऑपरेटर, वेडिंग प्लानर, इवेंट मैनेजर और पर्यटन क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधि हिस्सा लेते हैं।
इस बार RDTM 17 से 19 सितंबर तक आयोजित किया जाएगा। आयोजन के जरिए राजस्थान के पर्यटन उत्पादों, डेस्टिनेशन और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर को देशभर के खरीदारों और पर्यटन व्यवसायियों के सामने प्रस्तुत किया जाएगा। नाइट पोलो मैच को इसी आयोजन के एक विशेष अनुभव के रूप में जोड़ा जा रहा है, जिससे राजस्थान की शाही विरासत और स्पोर्ट्स टूरिज्म को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
राजस्थान की पहचान किले, महल, विरासत और लोक संस्कृति के साथ पोलो जैसे शाही खेलों से भी जुड़ी रही है। RDTM के दौरान नाइट पोलो का आयोजन इस विरासत को पर्यटन अनुभव के रूप में प्रस्तुत करने की दिशा में नई पहल माना जा रहा है।
देशभर से आने वाले पर्यटन प्रतिनिधियों के सामने नाइट पोलो के माध्यम से जयपुर की खेल और राजसी विरासत को पेश करने का अवसर मिलेगा। यदि आयोजन योजना के मुताबिक होता है तो 18 सितंबर की शाम जयपुर में पहली बार फ्लड लाइट्स की रोशनी में राजस्थान पोलो ग्राउंड पर घोड़ों और खिलाड़ियों का रोमांच देखने को मिलेगा।