



भीलवाड़ा। नगर निगम चुनाव के लिए भाजपा की अधिकृत प्रत्याशी सूची जारी होने से पहले ही भीलवाड़ा में टिकट को लेकर असंतोष खुलकर सामने आ गया है। प्रताप मंडल के करीब 70 पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने सामूहिक रूप से इस्तीफा सौंप दिया। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि टिकट चयन में जमीनी और लंबे समय से संगठन के लिए काम कर रहे कार्यकर्ताओं की अनदेखी की जा रही है। भीलवाड़ा भाजपा में टिकट वितरण को लेकर पिछले कुछ दिनों से विरोध के अलग-अलग मामले सामने आ रहे हैं।
हालांकि इस पूरे घटनाक्रम में महत्वपूर्ण बात यह है कि भाजपा की ओर से अभी प्रत्याशियों की आधिकारिक सूची जारी नहीं की गई है। प्रताप मंडल अध्यक्ष नागेन्द्र राव के अनुसार कार्यकर्ताओं में सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों पर सामने आई एक कथित सूची को देखकर नाराजगी पैदा हुई।
प्रताप मंडल से जुड़े कार्यकर्ता रविवार को मंडल अध्यक्ष नागेन्द्र राव के आवास पर पहुंचे। यहां बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने अपने इस्तीफे सौंपते हुए टिकट चयन को लेकर नाराजगी जाहिर की।
इस्तीफा देने वाले कार्यकर्ताओं का आरोप है कि वर्षों से बूथ और संगठन स्तर पर काम कर रहे लोगों को टिकट की दौड़ में अपेक्षित महत्व नहीं दिया जा रहा है। कुछ कार्यकर्ताओं ने टिकट वितरण में भेदभाव होने का भी आरोप लगाया। स्थानीय रिपोर्टों में करीब 70 पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के इस्तीफे की बात सामने आई है।
प्रताप मंडल अध्यक्ष नागेन्द्र राव ने कहा कि मंडल के कार्यकर्ता उनके घर आए थे और उनमें टिकट को लेकर नाराजगी है। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता किसी कथित या ‘फेक लिस्ट’ को देखकर यह मान रहे हैं कि योग्य लोगों को टिकट नहीं दिया गया है। जबकि वास्तविक स्थिति यह है कि पार्टी की ओर से अभी तक प्रत्याशियों की कोई अधिकृत सूची जारी नहीं की गई है। ऐसे में अंतिम टिकट वितरण और प्रत्याशियों की स्थिति भाजपा की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगी।
नाराज कार्यकर्ताओं का कहना है कि नगर निगम चुनाव में टिकट देते समय संगठन के लिए लंबे समय से काम करने वाले पदाधिकारियों और बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। उनका आरोप है कि यदि टिकट चयन में पुराने कार्यकर्ताओं को दरकिनार किया जाता है तो इसका असर चुनाव में संगठन की एकजुटता पर पड़ सकता है। हालांकि अभी टिकटों की अंतिम घोषणा बाकी होने के कारण किस वार्ड से किसे प्रत्याशी बनाया जाएगा, इसे लेकर आधिकारिक स्थिति स्पष्ट नहीं है।
भीलवाड़ा भाजपा में टिकट चयन को लेकर यह पहला विरोध नहीं है। इससे पहले महिला मोर्चा से जुड़ी कार्यकर्ताओं ने भी टिकट वितरण में कथित परिवारवाद और कार्यकर्ताओं की अनदेखी को लेकर पार्टी कार्यालय के बाहर विरोध किया था। प्रदेश नेतृत्व तक अपनी बात पहुंचाने के लिए महिला कार्यकर्ताओं का प्रतिनिधिमंडल जयपुर भी गया था। वहीं पूर्व पार्षद रमेश सिंधी और उनके पुत्र नवीन सिंधी भी टिकट से जुड़ी नाराजगी के बीच भाजपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल हो चुके हैं।
नगर निकाय चुनाव में नामांकन प्रक्रिया अंतिम चरण में होने के कारण भाजपा पर प्रत्याशियों की सूची जल्द जारी करने का दबाव है। दूसरी तरफ टिकट की उम्मीद लगाए दावेदार और उनके समर्थक संगठन के अंतिम फैसले का इंतजार कर रहे हैं।
ऐसे में प्रताप मंडल के करीब 70 कार्यकर्ताओं के इस्तीफे ने भाजपा नेतृत्व के सामने डैमेज कंट्रोल की चुनौती खड़ी कर दी है। प्रदेश स्तर पर भी भाजपा संभावित बागियों और नाराज दावेदारों को मनाने के लिए डैमेज कंट्रोल रणनीति पर काम कर रही है।अब नजर इस बात पर रहेगी कि अधिकृत प्रत्याशी सूची आने के बाद प्रताप मंडल के नाराज कार्यकर्ता अपना फैसला बरकरार रखते हैं या संगठन उन्हें मनाने में सफल होता है।