



जयपुर। राजस्थान में नगर निकाय चुनाव को लेकर भाजपा में टिकटों पर अंतिम दौर का मंथन जारी है। पार्टी प्रदेश के 309 निकायों के लिए प्रत्याशियों की सूची सोमवार, 31 अगस्त को दोपहर बाद जारी कर सकती है। टिकट वितरण के बाद संभावित बगावत और नाराजगी को कम करने के लिए भाजपा ने प्रत्याशियों के नाम आखिरी समय तक सार्वजनिक नहीं करने की रणनीति अपनाई है।
हालांकि जिन दावेदारों के टिकट फाइनल हो रहे हैं, उन्हें पार्टी स्तर से व्यक्तिगत रूप से सूचना दी जा रही है, ताकि वे नामांकन की प्रक्रिया समय रहते पूरी कर सकें। अधिकृत प्रत्याशियों को पार्टी का सिंबल भी सोमवार को उपलब्ध कराया जाएगा।
भाजपा की रणनीति के मुताबिक प्रत्याशियों की पूरी सूची एक साथ सार्वजनिक करने से पहले चयनित उम्मीदवारों को सीधे सूचित किया जाएगा। इसका उद्देश्य यह है कि अधिकृत उम्मीदवार नामांकन और पार्टी सिंबल से जुड़ी औपचारिकताएं समय पर पूरी कर सकें। इसके बाद दोपहर बाद पार्टी आधिकारिक रूप से प्रत्याशियों की सूची जारी कर सकती है।पार्टी नेतृत्व टिकट नहीं मिलने वाले दावेदारों की नाराजगी और संभावित बगावत को देखते हुए सूची जारी करने के समय को लेकर भी सावधानी बरत रहा है।
निकाय चुनाव में भाजपा के सामने सबसे बड़ी चुनौती कई वार्डों में टिकट के लिए मौजूद एक से अधिक मजबूत दावेदार हैं। कई जगह पूर्व पार्षद, संगठन पदाधिकारी और लंबे समय से सक्रिय कार्यकर्ता टिकट की मांग कर रहे हैं। ऐसे में टिकट घोषित होते ही असंतुष्ट नेता निर्दलीय नामांकन या दूसरे दल का रुख कर सकते हैं। इसी संभावना को कम करने के लिए पार्टी अधिकृत सूची को नामांकन प्रक्रिया के अंतिम चरण तक रोके रखने की रणनीति पर काम कर रही है।
जयपुर स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में रविवार को अलग-अलग नगर निकायों को लेकर लगातार बैठकों और रायशुमारी का दौर चलता रहा। प्रत्याशियों के चयन में स्थानीय संगठन, जनप्रतिनिधियों और चुनावी जिम्मेदारी संभाल रहे नेताओं से फीडबैक लिया जा रहा है। पार्टी प्रत्येक वार्ड में जीत की संभावना, स्थानीय समीकरण, संगठन में सक्रियता और उम्मीदवार की छवि जैसे पहलुओं को ध्यान में रखते हुए नामों पर फैसला कर रही है।
प्रदेश भाजपा कार्यालय में सबसे आखिर में जयपुर नगर निगम के 150 वार्डों को लेकर मंथन प्रस्तावित है। जयपुर की बैठक रविवार रात करीब 11:30 बजे शुरू होने की संभावना है। जयपुर के टिकटों को लेकर दिन में भी मंथन होना था, लेकिन कई विधायकों के एक-एक नाम लेकर पहुंचने के बाद संगठन ने उनसे प्रत्येक वार्ड के लिए तीन-तीन नामों का पैनल मांगा था। इसके बाद विधायकों और संगठन पदाधिकारियों से मिले फीडबैक के आधार पर प्रत्याशियों के नामों को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया शुरू की गई।
निकाय चुनाव के लिए सोमवार, 31 अगस्त नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख है। ऐसे में भाजपा के अधिकृत प्रत्याशियों के लिए सोमवार का दिन बेहद महत्वपूर्ण रहेगा। पार्टी की कोशिश होगी कि चयनित प्रत्याशियों को समय रहते टिकट की सूचना और आवश्यक पार्टी दस्तावेज मिल जाएं, ताकि वे निर्धारित समयसीमा के भीतर अपना नामांकन दाखिल कर सकें।यही वजह है कि आधिकारिक सूची दोपहर बाद जारी होने के बावजूद चयनित उम्मीदवारों को उससे पहले ही व्यक्तिगत रूप से सूचित किए जाने की तैयारी है।
भाजपा की प्रत्याशी सूची जारी होने के बाद सबसे ज्यादा नजर उन नेताओं पर रहेगी, जिन्हें टिकट नहीं मिलता है। कई नगर निकायों में एक वार्ड से कई मजबूत दावेदार होने के कारण बगावत की आशंका पहले से बनी हुई है।
पार्टी नेतृत्व की कोशिश है कि टिकट वितरण के बाद नाराज नेताओं को तत्काल मनाया जाए और उन्हें अधिकृत प्रत्याशी के पक्ष में काम करने के लिए तैयार किया जाए। सोमवार को भाजपा की सूची सामने आने के बाद राजस्थान के नगर निकाय चुनाव में पार्टी के उम्मीदवारों के साथ संभावित बागियों की तस्वीर भी काफी हद तक साफ हो जाएगी।