Sunday, 30 August 2026

जयपुर में भाजपा टिकटों पर घमासान: सिंगल नाम लेकर पहुंचे विधायक तो संगठन नाराज, अब हर वार्ड के लिए मांगा 3 नामों का पैनल


जयपुर में भाजपा  टिकटों पर घमासान: सिंगल नाम लेकर पहुंचे विधायक तो संगठन नाराज, अब हर वार्ड के लिए मांगा 3 नामों का पैनल

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जयपुर। नगर निकाय चुनाव के लिए टिकट वितरण को लेकर भाजपा प्रदेश मुख्यालय में रविवार को लगातार मंथन चलता रहा। जयपुर नगर निगम के 150 वार्डों के प्रत्याशियों पर दिन में बैठक प्रस्तावित थी, लेकिन अधिकतर विधायक अपने-अपने क्षेत्रों से केवल एक-एक नाम लेकर पार्टी कार्यालय पहुंचे। इस पर संगठन ने नाराजगी जताते हुए बैठक को स्थगित कर दिया।

इसके बाद सभी विधायकों को निर्देश दिए गए कि वे रात 8 बजे दोबारा बैठक में आएं और प्रत्येक वार्ड के लिए तीन-तीन संभावित दावेदारों का पैनल लेकर पहुंचें। इसके बाद देर शाम से जयपुर के विधायकों और संगठन पदाधिकारियों का भाजपा मुख्यालय पहुंचना शुरू हो गया।

सिंगल नाम पर संगठन ने जताई नाराजगी

सूत्रों के अनुसार पार्टी नेतृत्व चाहता है कि टिकट चयन किसी एक व्यक्ति की सिफारिश पर न होकर संगठनात्मक स्तर पर तुलना और फीडबैक के आधार पर हो। इसी कारण विधायकों से कहा गया कि वे अपने विधानसभा क्षेत्र के वार्डों के लिए केवल एक नाम तय कर भेजने के बजाय तीन संभावित दावेदारों का पैनल प्रस्तुत करें। संगठन इन नामों पर स्थानीय समीकरण, कार्यकर्ता फीडबैक, जीत की संभावना और दावेदार की संगठन में सक्रियता जैसे पहलुओं पर चर्चा करेगा। इस निर्देश के बाद टिकट की दौड़ में शामिल कई दावेदारों की उम्मीदें फिर से बढ़ गई हैं, क्योंकि अंतिम निर्णय से पहले एक से अधिक नामों पर विचार किया जाएगा।

रात 8 बजे फिर शुरू हुआ जयपुर के 150 वार्डों पर मंथन

दिन की बैठक टलने के बाद विधायकों को रात 8 बजे संशोधित पैनल के साथ बुलाया गया। जयपुर नगर निगम के 150 वार्डों को लेकर भाजपा में प्रत्याशी चयन का यह महत्वपूर्ण दौर माना जा रहा है।

पार्टी के सामने प्रत्येक वार्ड में सामाजिक समीकरण, पुराने कार्यकर्ताओं की दावेदारी, वर्तमान राजनीतिक स्थिति और संभावित बागियों को ध्यान में रखते हुए उम्मीदवार चुनने की चुनौती है। कई वार्डों में टिकट के लिए एक से अधिक मजबूत दावेदार सामने आने के कारण संगठन अंतिम सूची जारी करने से पहले व्यापक स्तर पर मंथन कर रहा है।

सिविल लाइंस के कार्यकर्ताओं ने सुबह की नारेबाजी

इधर टिकट वितरण को लेकर रविवार सुबह भाजपा मुख्यालय पर सिविल लाइंस विधानसभा क्षेत्र के कुछ कार्यकर्ताओं ने विरोध-प्रदर्शन और नारेबाजी की। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि विधायक गोपाल शर्मा और उनके बेटे की ओर से सिविल लाइंस विधानसभा क्षेत्र के 16 वार्डों में कुछ दावेदारों को टिकट मिलने का भरोसा दिया गया है। प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं का दावा था कि इससे पुराने और समर्पित पार्टी कार्यकर्ताओं की अनदेखी हो रही है।हालांकि ये आरोप प्रदर्शनकारी कार्यकर्ताओं की ओर से लगाए गए हैं और टिकटों पर अंतिम निर्णय भाजपा संगठन की आधिकारिक प्रक्रिया के तहत होना है।

समर्पित कार्यकर्ताओं की अनदेखी का आरोप

विरोध कर रहे कार्यकर्ताओं का कहना था कि लंबे समय से पार्टी के लिए काम कर रहे लोगों को टिकट चयन में प्राथमिकता मिलनी चाहिए। उनका आरोप था कि यदि पहले से ही कुछ नाम तय कर दिए जाते हैं तो इससे संगठन के पुराने कार्यकर्ताओं में नाराजगी बढ़ सकती है। निकाय चुनाव में टिकट वितरण से पहले भाजपा के सामने संभावित असंतोष को नियंत्रित करना भी बड़ी चुनौती है। जयपुर के कई वार्डों में पूर्व पार्षद, संगठन पदाधिकारी और स्थानीय नेता टिकट की दावेदारी कर रहे हैं।

3 नामों के पैनल से होगी दावेदारों की तुलना

संगठन की ओर से तीन नामों का पैनल मांगने को टिकट चयन प्रक्रिया को व्यापक बनाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। पार्टी नेतृत्व इन नामों पर क्षेत्रीय फीडबैक और संगठनात्मक रिपोर्ट के आधार पर अंतिम निर्णय कर सकता है। साथ ही इस प्रक्रिया के जरिए यह संदेश देने की कोशिश भी है कि टिकट किसी एक जनप्रतिनिधि की पसंद के आधार पर तय नहीं होगा। अब भाजपा कार्यकर्ताओं और दावेदारों की नजर इस बात पर है कि जयपुर के 150 वार्डों की सूची कब जारी होती है और संगठन किन चेहरों पर भरोसा जताता है।

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