Sunday, 30 August 2026

टोंक निकाय चुनाव से पहले ग्रामीणों का बड़ा ऐलान: डारड़ा हिंद को नगर परिषद में शामिल करने का विरोध, सभी चुनावों के बहिष्कार की चेतावनी


टोंक निकाय चुनाव से पहले ग्रामीणों का बड़ा ऐलान: डारड़ा हिंद को नगर परिषद में शामिल करने का विरोध, सभी चुनावों के बहिष्कार की चेतावनी

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टोंक। नगर निकाय चुनाव से पहले टोंक में परिसीमन को लेकर विरोध तेज हो गया है। टोंक पंचायत समिति की पूर्व ग्राम पंचायत डारड़ा हिंद को परिसीमन के बाद नगर परिषद टोंक में शामिल किए जाने से नाराज ग्रामीणों ने नगर परिषद चुनाव सहित आगामी सभी चुनावों के बहिष्कार का ऐलान किया है।

रविवार को प्रशासन की ओर से ग्रामीणों को मतदान के लिए समझाने का प्रयास किया गया। एसडीएम सीमा खेतान और तहसीलदार अजयपाल यादव गांव पहुंचे और लोगों से चुनाव प्रक्रिया में भाग लेने की अपील की, लेकिन ग्रामीण अपनी मांग पर अड़े रहे।

ग्रामीण बोले- वापस ग्राम पंचायत में शामिल किया जाए

ग्रामीणों का कहना है कि वे डारड़ा हिंद को नगर परिषद का हिस्सा बनाए जाने के फैसले से सहमत नहीं हैं। उनकी मांग है कि क्षेत्र को पहले की तरह ग्राम पंचायत व्यवस्था में ही रखा जाए। ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि जब तक सरकार डारड़ा हिंद को नगर परिषद से बाहर कर दोबारा ग्राम पंचायत में शामिल नहीं करती, तब तक उनका चुनाव बहिष्कार जारी रहेगा। ग्रामीणों ने प्रशासन के सामने अपनी मांग दोहराते हुए कहा कि वे परिसीमन के इस फैसले को स्वीकार नहीं करेंगे।

समझाने पहुंचे SDM और तहसीलदार

चुनाव बहिष्कार की घोषणा के बाद रविवार को एसडीएम सीमा खेतान और तहसीलदार अजयपाल यादव ग्रामीणों से बातचीत करने पहुंचे।अधिकारियों ने लोगों को मतदान के महत्व और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भागीदारी के बारे में समझाया। साथ ही ग्रामीणों से चुनाव बहिष्कार का फैसला वापस लेने की अपील की गई। हालांकि प्रशासनिक अधिकारियों की समझाइश का ग्रामीणों पर असर नहीं हुआ और वे अपनी मांग पर कायम रहे।

नारेबाजी करते रहे ग्रामीण

बातचीत के दौरान ग्रामीणों ने डारड़ा हिंद को नगर परिषद में शामिल करने के फैसले के खिलाफ नारेबाजी भी की। उनका कहना था कि सरकार ने उनकी स्थानीय परिस्थितियों और ग्रामीण क्षेत्र की जरूरतों को ध्यान में रखे बिना क्षेत्र को नगर परिषद में शामिल कर दिया है। लंबी समझाइश के बाद भी जब ग्रामीण चुनाव में भाग लेने के लिए तैयार नहीं हुए तो एसडीएम और तहसीलदार वहां से लौट गए।

नगर परिषद चुनाव पर पड़ सकता है असर

डारड़ा हिंद के ग्रामीणों के चुनाव बहिष्कार के ऐलान के बाद प्रशासन के सामने अब लोगों को मतदान के लिए तैयार करने की चुनौती है।

टोंक नगर परिषद में परिसीमन के बाद कुल 60 वार्डों के लिए चुनावी प्रक्रिया चल रही है। ऐसे में मतदान से पहले यदि ग्रामीणों और प्रशासन के बीच सहमति नहीं बनती है तो इस क्षेत्र में मतदान प्रतिशत पर असर पड़ सकता है। फिलहाल ग्रामीणों का कहना है कि उनकी एक ही मांग है—डारड़ा हिंद को नगर परिषद से हटाकर पहले की तरह ग्राम पंचायत में रखा जाए। अब नजर इस बात पर रहेगी कि प्रशासन या सरकार इस मांग पर क्या रुख अपनाती है।

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