



जयपुर। पवित्र सावन माह के अंतिम सोमवार के अवसर पर मानसरोवर स्थित पत्रकार कॉलोनी के पास भास्कर एन्क्लेव द्वितीय स्थित भास्करेश्वर महादेव मंदिर में भोले बाबा की आकर्षक बर्फानी झांकी सजाई गई। बड़ी संख्या में कॉलोनीवासियों और आसपास की कॉलोनियों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने दर्शन कर भक्तिमय वातावरण का आनंद लिया।
मंदिर समिति के अध्यक्ष महेश शर्मा ने बताया कि शाम को विशेष महाआरती के बाद सुंदरकांड पाठ और भोले बाबा के भजनों का जागरण आयोजित किया गया। देर शाम तक चले धार्मिक कार्यक्रमों से पूरे क्षेत्र का वातावरण भक्तिमय बना रहा।
सावन के अंतिम सोमवार पर मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की आवाजाही रही। शाम को महाआरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। इसके बाद सुंदरकांड पाठ और भजन संध्या का आयोजन किया गया, जिसमें भक्तों ने भोलेनाथ के भजनों पर श्रद्धा और उत्साह के साथ सहभागिता की। बर्फानी झांकी पूरे आयोजन का प्रमुख आकर्षण रही और श्रद्धालुओं ने भगवान शिव के विशेष स्वरूप के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
कार्यक्रम के संचालन और व्यवस्थाओं में मनीषा शर्मा, निरंजन कुमार, नीरज टेलर, कुशल अग्रवाल, वैभव कटारिया, संध्या मिश्रा, सुप्रिया शर्मा और ममता राठौड़ सहित अन्य सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
संरक्षक कलेश जैन ने बताया कि कार्यक्रम में कॉलोनी के वरिष्ठ नागरिक भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे। इनमें मोहन शर्मा, दिनेश शर्मा, जगदीश मिश्रा, अजय सिंह, गोपाल सिंह राजावत, हरीश विजयवर्गीय, ओमप्रकाश कटारिया, निरंजन सिंह राठौड़, रवि संदीप जाखड़, अमित गुरनानी और तपेश चौहान सहित अन्य श्रद्धालु शामिल रहे।

महिला मंडल की ओर से संतोष वर्मा, रेखा सोनी, सुनीता सिंह, सरोज शर्मा, शर्मीला सिंह राजावत, ममता शर्मा, मीनू राठौड़ और ममता राठौड़ सहित अन्य महिलाओं ने कार्यक्रम की व्यवस्थाओं और धार्मिक आयोजनों में सक्रिय योगदान दिया।

मंदिर समिति के सचिव निरंजन कुमार और नीरज टेलर ने बताया कि बर्फानी झांकी के दर्शन करने वालों में भाजपा भांकरोटा मंडल अध्यक्ष अनिल चौधरी, पूर्व पार्षद मुकेश शर्मा ‘काका’ और वरिष्ठ पत्रकार श्याम सुंदर शर्मा भी शामिल रहे।
सभी ने भास्करेश्वर महादेव के दर्शन कर बर्फानी बाबा का आशीर्वाद प्राप्त किया और आयोजन की सराहना की।
भास्करेश्वर महादेव मंदिर में आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम ने सावन के अंतिम सोमवार को विशेष बना दिया। महाआरती, सुंदरकांड, भजन जागरण और बर्फानी झांकी के कारण आसपास का पूरा क्षेत्र देर रात तक भक्ति के रंग में रंगा रहा।