



जयपुर। नगर निगम चुनाव को लेकर जयपुर शहर कांग्रेस में टिकट की दावेदारी तेज हो गई है। शहर कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुनील शर्मा के अनुसार पार्षद पद के लिए अब तक 1350 से ज्यादा कांग्रेस कार्यकर्ताओं के आवेदन मिल चुके हैं। प्रत्याशी चयन को लेकर कांग्रेस ने इस बार प्रोफेशनल सर्वे का सहारा लेने का फैसला किया है।
कांग्रेस की ओर से एक प्रोफेशनल कंपनी संभावित प्रत्याशियों की जमीनी स्थिति, वार्ड में पकड़, संगठनात्मक सक्रियता और जीत की संभावना का आकलन कर रही है। इसके साथ ही प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से नियुक्त को-ऑर्डिनेटर भी दावेदारों के नामों की समीक्षा करेंगे। पार्टी 26 अगस्त तक संभावित प्रत्याशियों के नाम फाइनल करने की दिशा में काम कर रही है।
सुनील शर्मा ने कहा कि टिकट चयन में मेहनत करने वाले कार्यकर्ताओं के साथ न्याय होना चाहिए। इसी वजह से पार्टी एक-एक दावेदार से बातचीत कर रही है।
उन्होंने दावा किया कि पिछले चार दिनों में 10 हजार से ज्यादा लोग उनसे मुलाकात कर चुके हैं। शर्मा ने कहा कि पार्टी ऐसे उम्मीदवारों को प्राथमिकता देना चाहती है, जिनमें जयपुर के लिए काम करने का जज्बा हो और जिनके लिए राजनीति का मुख्य उद्देश्य केवल धन या पद न हो।
कांग्रेस नगर निगम चुनाव के साथ मेयर पद को लेकर भी रणनीति बना रही है। सुनील शर्मा ने कहा कि पार्टी 4 से 5 संभावित चेहरों को शॉर्टलिस्ट कर रही है।
पार्टी ऐसे उम्मीदवारों को चुनाव मैदान में उतारना चाहती है, जो पार्षद चुनाव जीतने के साथ भविष्य में मेयर के रूप में शहर का नेतृत्व करने की क्षमता भी रखते हों।
हालांकि शर्मा ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस किसी एक चेहरे को पहले से आगे रखकर चुनाव नहीं लड़ेगी।
सुनील शर्मा ने कहा कि यदि किसी विधायक या पूर्व मंत्री की नगर निगम चुनाव लड़ने की इच्छा होगी तो पार्टी उनके नाम पर भी विचार कर सकती है।
हालांकि उन्होंने खुद को मेयर पद के संभावित चेहरों की दौड़ से बाहर बताया।
जयपुर शहर कांग्रेस ने चुनाव के लिए ‘मिशन-100’ का लक्ष्य तय किया है। रविवार को इसका पोस्टर लॉन्च किया गया।
सुनील शर्मा ने दावा किया कि पोस्टर को लॉन्च होने के महज 20 मिनट में एक हजार से ज्यादा बार शेयर किया गया। कांग्रेस इसे जयपुर में पार्टी के पक्ष में बन रहे माहौल का संकेत बता रही है।
पार्टी 150 वार्डों वाले नगर निगम में 100 सीटें जीतने का लक्ष्य लेकर चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी कर रही है।
कांग्रेस जयपुर नगर निगम चुनाव के लिए एक सामान्य घोषणापत्र के साथ वार्डवार घोषणा पत्र तैयार करने की योजना पर भी काम कर रही है।
इसके लिए RPSC के पूर्व चेयरमैन बी.एल. शर्मा के नेतृत्व में प्लान तैयार किया जाएगा। घोषणापत्र में जयपुर के कल्चर, हेरिटेज और ‘जयपुरियत’ को संरक्षित रखने पर विशेष जोर रहेगा।
साथ ही शहर की गंगा-जमुनी संस्कृति और सामुदायिक सौहार्द को मजबूत करने की बात भी घोषणापत्र का हिस्सा हो सकती है।
टिकट वितरण के बाद संभावित बगावत से निपटने के लिए कांग्रेस ने अलग-अलग कमेटियां भी बनाई हैं।
पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी की जिम्मेदारी रफीक खान, डिसिप्लिन कमेटी की जिम्मेदारी अमीन कागजी और स्टियरिंग कमेटी की जिम्मेदारी प्रताप सिंह खाचरियावास को दी गई है।
ये कमेटियां कार्यकर्ताओं से संवाद करेंगी, असंतोष को कम करने की कोशिश करेंगी और चुनावी रणनीति को आगे बढ़ाएंगी।
कांग्रेस की रणनीति साफ है कि टिकट केवल दावेदारी या व्यक्तिगत प्रभाव के आधार पर नहीं दिया जाएगा। प्रोफेशनल सर्वे, संगठन की रिपोर्ट, को-ऑर्डिनेटर की समीक्षा, वार्ड में जनाधार और जीत की संभावना को मिलाकर अंतिम निर्णय किया जाएगा।
अब नजर 26 अगस्त तक होने वाली शॉर्टलिस्टिंग और उसके बाद जारी होने वाली कांग्रेस प्रत्याशियों की सूची पर रहेगी।