



राजीव अरोड़ा बोले- प्रेम, शांति, भाईचारे और धर्मनिरपेक्ष मूल्यों को मजबूत करने के लिए 25 वर्षों से सक्रिय है संगठन, शहीदों को समर्पित होगी वर्षगांठ की शाम
जयपुर। प्रेम, शांति, सद्भाव, भाईचारे और धर्मनिरपेक्ष मूल्यों को मजबूत करने के उद्देश्य से कार्यरत ‘सद्भावना के सिपाही’ संगठन अपनी स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने पर जयपुर में विशेष कार्यक्रम आयोजित करेगा। ‘एक शाम शहीदों के नाम’ शीर्षक से यह कार्यक्रम शुक्रवार, 21 अगस्त 2026 को शाम 6 बजे महावीर स्कूल, सी-स्कीम सभागार, जयपुर में आयोजित होगा।
संगठन के राजस्थान अध्यक्ष राजीव अरोड़ा ने कहा कि ‘सद्भावना के सिपाही’ केवल एक संगठन नहीं, बल्कि समाज में प्रेम, शांति, भाईचारे और सद्भाव की भावना को मजबूत करने वाले लोगों को एक मंच पर जोड़ने का प्रयास है।
राजीव अरोड़ा ने बताया कि वर्ष 2001 में तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की पहल और सोच के अनुरूप इस संगठन की स्थापना की गई थी।
उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य केवल किसी राजनीतिक दल के लोगों को जोड़ना नहीं था, बल्कि बुद्धिजीवियों, पत्रकारों, साहित्यकारों, अधिवक्ताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों को एक साझा मंच देना था।
संगठन का मकसद धर्मनिरपेक्षता, सामाजिक एकता, सांप्रदायिक सद्भाव और आतंकवाद तथा नफरत फैलाने वाली शक्तियों के खिलाफ जनजागरण करना रहा है।
राजीव अरोड़ा ने बताया कि संगठन की राष्ट्रीय जिम्मेदारी वरिष्ठ अभिनेता और पूर्व सांसद सुनील दत्त को सौंपी गई थी, जबकि राजस्थान में संगठन की जिम्मेदारी उन्हें मिली।
उन्होंने कहा कि सुनील दत्त के साथ राजस्थान समेत देश के विभिन्न हिस्सों में यात्राएं और जनसंपर्क कार्यक्रम किए गए। अलवर, दौसा, जयपुर, अजमेर, धौलपुर और भरतपुर सहित कई क्षेत्रों में लोगों से प्रेम, शांति और सामाजिक सद्भाव का संदेश अपनाने की अपील की गई।
राजीव अरोड़ा ने कहा कि पिछले 25 वर्षों में संगठन ने देशभक्ति, सामाजिक सेवा और मानवीय सरोकारों से जुड़े कई कार्य किए हैं।
संगठन की ओर से समय-समय पर रक्तदान शिविर, नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर और जरूरतमंदों की सहायता के कार्यक्रम आयोजित किए गए। बाढ़ और भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाओं के दौरान भी कार्यकर्ताओं ने राहत और सहायता कार्यों में भागीदारी की।
अरोड़ा ने बताया कि संगठन के सदस्य कई अवसरों पर निराश्रित और लावारिस शवों का अंतिम संस्कार करवाने तथा उनकी अस्थियों को गंगा में विधिवत प्रवाहित करने जैसे मानवीय कार्य भी करते रहे हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसे कार्य प्रचार या राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी और मानवीय संवेदना की भावना से किए जाते हैं।
संगठन का मुख्य उद्देश्य ऐसे लोगों को एकजुट करना है जो धर्मनिरपेक्ष सोच, सामाजिक समरसता और भाईचारे में विश्वास रखते हैं।
राजीव अरोड़ा ने कहा कि ‘सद्भावना के सिपाही’ ने शुरुआत से ही जातिवाद, सांप्रदायिकता और समाज में वैमनस्य फैलाने वाली प्रवृत्तियों का विरोध किया है और समाज के विभिन्न वर्गों के बीच संवाद और सहयोग बढ़ाने का प्रयास किया है।
संगठन की 25वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित ‘एक शाम शहीदों के नाम’ कार्यक्रम देश के वीर शहीदों को समर्पित रहेगा।
कार्यक्रम में शहीदों की वीरता, त्याग और राष्ट्र के प्रति उनके सर्वोच्च बलिदान को नमन किया जाएगा। साथ ही उपस्थित लोगों से देश की एकता, अखंडता और सामाजिक सद्भाव को मजबूत करने का संकल्प लेने का आह्वान किया जाएगा।
राजीव अरोड़ा ने कहा कि 25 वर्षों की यह यात्रा संगठन के लिए सिर्फ एक उपलब्धि नहीं, बल्कि सेवा, सद्भाव और सामाजिक एकता के संकल्प को और मजबूत करने का अवसर है।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में भी संगठन राजस्थान के प्रत्येक वर्ग और समुदाय को साथ लेकर सामाजिक समरसता और मानवीय सेवा के कार्यों को और व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाएगा।