



अलवर विवाद के बाद सोहन सिंह नरूका को कोटपूतली ADM लगाया, जयपुर नगर निगम में तीन उपायुक्त बदले, सभी अधिकारियों को तत्काल जॉइन करने के आदेश
जयपुर। राजस्थान में नगरीय निकाय चुनाव की घोषणा के बीच राज्य सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल करते हुए 21 RAS अधिकारियों के तबादले किए हैं, जबकि एक अधिकारी को APO किया गया है। चुनावी आचार संहिता लागू होने से ठीक पहले जारी इस आदेश में कई अधिकारियों को नगर निगमों, विकास प्राधिकरणों और जिला प्रशासन में नई जिम्मेदारी दी गई है। सरकार ने सभी स्थानांतरित अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त कर नई जगह जॉइन करने के निर्देश दिए हैं।
सबसे ज्यादा चर्चा सोहन सिंह नरूका के तबादले को लेकर है। नरूका का कुछ दिन पहले अलवर नगर निगम आयुक्त पद से भरतपुर विकास प्राधिकरण सचिव पद पर तबादला किया गया था, लेकिन उन्होंने वहां जॉइन नहीं किया था।
इसी बीच अलवर में सफाईकर्मी भर्ती को लेकर वन मंत्री संजय शर्मा ने अलवर कलेक्टर और नगर निगम आयुक्त के कामकाज पर सवाल उठाते हुए धरना दिया था। उस दौरान नरूका और मंत्री के बीच विवाद की स्थिति भी बनी। अब सरकार ने नरूका का तबादला भरतपुर विकास प्राधिकरण सचिव से कोटपूतली-बहरोड़ ADM पद पर कर दिया है।
सोहन सिंह नरूका अलवर जिले के रहने वाले हैं। आगामी शहरी निकाय चुनावों को देखते हुए निर्वाचन संबंधी नियमों के तहत उन्हें गृह जिले में पदस्थ रखना उचित नहीं माना गया। इसी कारण उनकी नई पोस्टिंग कोटपूतली-बहरोड़ में की गई है।
तबादला सूची में पांच RAS अधिकारियों को नगर निगमों में उपायुक्त अथवा आयुक्त पद की जिम्मेदारी दी गई है। जयपुर नगर निगम में तीन उपायुक्त बदले गए हैं, जबकि अजमेर नगर निगम में उपायुक्त और भीलवाड़ा नगर निगम में आयुक्त पद पर नई पोस्टिंग की गई है। इस फेरबदल को आगामी नगरीय निकाय चुनावों से पहले प्रशासनिक पुनर्संयोजन के रूप में देखा जा रहा है।
तबादला सूची में महावीर सिंह-2 का मामला भी चर्चा में है। उन्हें एक दिन पहले जारी आदेश में करौली ADM पद से पाठ्यपुस्तक मंडल सचिव लगाया गया था। अब अगले ही दिन उनका फिर से तबादला कर अजमेर नगर निगम में उपायुक्त के पद पर पोस्टिंग दी गई है। लगातार दो दिनों में दो अलग-अलग पोस्टिंग आदेश जारी होने से यह नियुक्ति प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बन गई है।
सवाईमाधोपुर जिले के वजीरपुर की SDM सुधा रानी मीणा को सरकार ने APO कर दिया है। APO अवधि में उन्हें अगली पोस्टिंग के आदेश तक कार्मिक विभाग अथवा निर्धारित मुख्यालय पर उपस्थिति देनी होगी।
सरकार ने यह तबादला आदेश नगरीय निकाय चुनाव की आचार संहिता लागू होने से ठीक पहले जारी किया है। इसी कारण सभी अधिकारियों को तुरंत कार्यमुक्त कर नई जगह पदभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। चुनावी प्रक्रिया के दौरान प्रशासनिक निष्पक्षता और निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों को देखते हुए लंबे समय से एक ही स्थान पर पदस्थ अधिकारियों के तबादले किए जा रहे हैं।
नई सूची के बाद जयपुर, अजमेर, भीलवाड़ा सहित कई शहरी निकायों में प्रशासनिक जिम्मेदारियों में बदलाव हुआ है। चुनाव से पहले नगर निगमों में उपायुक्त और आयुक्त स्तर पर फेरबदल का सीधा असर चुनावी व्यवस्थाओं, आचार संहिता की पालना और स्थानीय प्रशासन पर पड़ेगा।


