



केकड़ी। श्रावण मास के पावन अवसर पर पर्यावरण संरक्षण और आयुर्वेदिक औषधीय पौधों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से त्रिवेणी आयुष नर्सिंग प्रशिक्षण केंद्र, गुलगांव में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत 51 औषधीय एवं उपयोगी पौधों का वृक्षारोपण किया गया।
कार्यक्रम में प्रशिक्षण केंद्र के प्राचार्य भूपेंद्र सिंह फौजदार और एम.एल.डी. संस्थान, केकड़ी के सचिव चंद्रप्रकाश दुबे उपस्थित रहे। विद्यार्थियों और स्टाफ ने भी उत्साह के साथ पौधारोपण में भाग लिया।
कार्यक्रम के दौरान परिसर में कांचनार, हरिद्रा, अर्जुन, बिल्व, तुलसी, नीम, गिलोय, हड़जोड़, सुदर्शन, गुड़हल, खदिर, अशोक, आंवला, एलोवेरा, आम, नींबू, बबूल, धतूरा, अश्वगंधा, एरंड, पत्थरचिट्ठा और मनीप्लांट सहित कुल 51 पौधे लगाए गए।
प्रशिक्षण केंद्र की ओर से इन पौधों को व्यवस्थित रूप से विकसित कर औषधीय वाटिका का स्वरूप देने की तैयारी है, ताकि आयुर्वेद के विद्यार्थी पौधों की पहचान और उनके औषधीय गुणों को व्यावहारिक रूप से समझ सकें।
प्राचार्य भूपेंद्र सिंह फौजदार ने कहा कि श्रावण मास प्रकृति और हरियाली से जुड़ा विशेष महीना है। ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के जरिए प्रत्येक पौधे को मां के प्रति सम्मान और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी के भाव से जोड़ा गया है।
उन्होंने कहा कि आयुर्वेद के विद्यार्थियों के लिए औषधीय पौधों का व्यावहारिक ज्ञान बेहद महत्वपूर्ण है। परिसर में विकसित हो रही औषधीय वाटिका विद्यार्थियों को पौधों की पहचान, उनके गुण और उपयोग समझने में मदद करेगी।
एम.एल.डी. संस्थान केकड़ी के सचिव चंद्रप्रकाश दुबे ने कहा कि पेड़-पौधे जीवन का आधार हैं और औषधीय वनस्पतियां आयुर्वेद की महत्वपूर्ण धरोहर हैं।
उन्होंने कहा कि ‘एक पेड़ मां के नाम’ जैसे अभियान पर्यावरण संरक्षण को भावनात्मक रूप से समाज से जोड़ते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से पौधों की नियमित देखभाल करने और अन्य लोगों को भी पौधारोपण के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों और स्टाफ ने लगाए गए पौधों के संरक्षण एवं नियमित देखभाल का संकल्प लिया। श्रावण मास की हरियाली, पर्यावरण संरक्षण और आयुर्वेदिक औषधीय पौधों के महत्व को एक साथ जोड़ता यह कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए जागरूकता और सहभागिता का अवसर बना।