Wednesday, 19 August 2026

पुराने न्यायालय परिसर को खाली नहीं कराने की मांग, अजमेर जिला बार एसोसिएशन का सर्वसम्मत निर्णय


पुराने न्यायालय परिसर को खाली नहीं कराने की मांग, अजमेर जिला बार एसोसिएशन का सर्वसम्मत निर्णय

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अधिवक्ताओं के चैम्बर और मूलभूत सुविधाएं यथावत रखने की मांग, पुराने परिसर में पारिवारिक न्यायालय और उपभोक्ता आयोग संचालित कराने के लिए हाईकोर्ट से पत्राचार का निर्णय

अजमेर। अधिवक्ताओं की मूलभूत सुविधाओं और भविष्य में बढ़ने वाली अधिवक्ताओं की संख्या को देखते हुए अजमेर जिला बार एसोसिएशन ने पुराने न्यायालय परिसर को अधिवक्ताओं के हित में यथावत रखने की मांग की है। इस संबंध में बुधवार को पुराने अधिवक्ता भवन में वरिष्ठ अधिवक्ताओं और जिला बार एसोसिएशन की कार्यकारिणी की आवश्यक बैठक आयोजित की गई।

बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि पुराने न्यायालय परिसर को किसी भी स्थिति में पूरी तरह खाली नहीं कराया जाए और यहां संचालित अधिवक्ता भवन, बार एसोसिएशन कार्यालय तथा अधिवक्ताओं के पुराने चैम्बर पूर्व की तरह उपयोग में बने रहें।

पुराने न्यायालय परिसर को सरकार को नहीं सौंपने की मांग

पूर्व जिला बार एसोसिएशन अध्यक्ष एवं वरिष्ठ अधिवक्ता राजेश टंडन ने बताया कि जिला एवं सत्र न्यायाधीश से आग्रह किया गया है कि अधिवक्ताओं की वर्तमान और भविष्य में बढ़ने वाली संख्या को देखते हुए पुराने न्यायालय परिसर को किसी भी परिस्थिति में सरकार को नहीं सौंपा जाए।

उन्होंने कहा कि परिसर में अधिवक्ताओं के लिए उपलब्ध मूलभूत सुविधाएं और उनके चैम्बर यथावत रखे जाने चाहिए। इसके साथ ही पुराने न्यायालय परिसर का उपयोग नियमानुसार जिला न्यायालय की अदालतों के संचालन के लिए भी किया जा सकता है।

वर्तमान में भी पुराने परिसर से चल रहा बार कार्यालय

जिला बार एसोसिएशन के वर्तमान अध्यक्ष एडवोकेट योगेन्द्र ओझा ने बताया कि वर्तमान में भी बड़ी संख्या में अधिवक्ता पुराने न्यायालय परिसर में बैठकर वकालत का कार्य कर रहे हैं और जिला बार एसोसिएशन का कार्यालय भी यहीं से संचालित हो रहा है। ऐसे में परिसर खाली कराने से अधिवक्ताओं को बैठने, क्लाइंट से मिलने और रोजमर्रा के न्यायिक कार्यों में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।

हेरिटेज और ऐतिहासिक परिसर को संरक्षित रखने पर जोर

बैठक में यह भी सामने आया कि पुराने न्यायालय परिसर को खाली करवाए जाने की संभावना है। इस पर विचार-विमर्श के बाद अधिवक्ताओं ने कहा कि यह परिसर कई वर्षों पुराना है और हेरिटेज एवं ऐतिहासिक धरोहर के रूप में भी महत्वपूर्ण है। बार एसोसिएशन ने फैसला किया कि परिसर का न्यायिक उपयोग जारी रखने के लिए राजस्थान हाईकोर्ट से पत्राचार किया जाएगा।

फैमिली कोर्ट और उपभोक्ता आयोग को पुराने परिसर में चलाने का प्रस्ताव

बैठक में निर्णय लिया गया कि पारिवारिक न्यायालय संख्या-1 और 2, जिला उपभोक्ता आयोग सहित अन्य न्यायालयों को पुराने न्यायालय परिसर में संचालित कराने के लिए राजस्थान हाईकोर्ट से अनुरोध किया जाए। बार एसोसिएशन का मानना है कि इससे एक ओर ऐतिहासिक परिसर का उपयोग जारी रहेगा, वहीं दूसरी ओर नए न्यायालय परिसर पर बढ़ने वाले दबाव को भी कम किया जा सकेगा।

पुराने चैम्बर खाली नहीं कराने की मांग

जिला बार एसोसिएशन ने स्पष्ट किया कि पुराने न्यायालय परिसर में स्थित अधिवक्ताओं के पुराने चैम्बर खाली नहीं करवाए जाएं।अधिवक्ताओं ने कहा कि वर्षों से इन चैम्बरों का उपयोग पेशेवर गतिविधियों के लिए किया जा रहा है और भविष्य में अधिवक्ताओं की संख्या बढ़ने के कारण अतिरिक्त स्थान की आवश्यकता और बढ़ेगी।

अधिवक्ता भवन में स्पोर्ट्स गतिविधियां भी शुरू करने की योजना

बैठक में अधिवक्ता भवन के सर्वांगीण विकास पर भी चर्चा की गई। निर्णय लिया गया कि परिसर में अधिवक्ताओं के लिए स्पोर्ट्स और अन्य खेल गतिविधियों की सुविधाएं विकसित करने की दिशा में काम किया जाएगा। इसका उद्देश्य अधिवक्ताओं को पेशेवर सुविधाओं के साथ सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी गतिविधियों के लिए भी बेहतर वातावरण उपलब्ध कराना है।

सुविधाओं में कटौती हुई तो आंदोलन की चेतावनी

बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि यदि नए न्यायालय परिसर का कोई हिस्सा प्रशासन की ओर से अधिवक्ताओं से संबंधित सुविधाओं के लिए लिया जाता है या उपलब्ध सुविधाओं को प्रभावित किया जाता है तो अधिवक्ता समुदाय अपने हितों की रक्षा के लिए बड़े स्तर पर आंदोलन करने के लिए तैयार रहेगा। बार एसोसिएशन ने कहा कि न्यायिक व्यवस्था के सुचारू संचालन में अधिवक्ताओं की सुविधाएं भी महत्वपूर्ण हैं और इन्हें नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।

जिला एवं सत्र न्यायाधीश से किया आग्रह

एसोसिएशन ने जिला एवं सत्र न्यायाधीश से पुनः आग्रह किया है कि पुराने न्यायालय परिसर को सरकार को सौंपने के बजाय न्यायिक और अधिवक्ता उपयोग में रखा जाए। बार का कहना है कि बढ़ती अधिवक्ता संख्या, मौजूद चैम्बरों, बार कार्यालय और अन्य मूलभूत सुविधाओं को देखते हुए यह परिसर भविष्य में भी आवश्यक रहेगा।



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