



अपनी पार्टी के इकलौते विधायक के रूप में सदन पहुंचे प्रशांत किशोर, समर्थकों को उम्मीद—बिहार के विकास और जनहित से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाएंगे
पटना। जन सुराज के प्रमुख प्रशांत किशोर ने बुधवार को बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक के रूप में शपथ ली। विधानसभा सदस्य के तौर पर शपथ ग्रहण करने के साथ ही उनकी सक्रिय संसदीय राजनीति की औपचारिक शुरुआत हो गई है।
प्रशांत किशोर अपनी पार्टी के इकलौते विधायक के रूप में विधानसभा पहुंचे हैं। हालांकि संख्या के लिहाज से जन सुराज की मौजूदगी सीमित है, लेकिन उनके समर्थकों को उम्मीद है कि बिहार के विकास, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, पलायन और प्रशासनिक सुधार जैसे मुद्दों पर उनकी आवाज विधानसभा में लगातार सुनाई देगी।
प्रशांत किशोर लंबे समय तक देश की चुनावी राजनीति में रणनीतिकार के रूप में चर्चित रहे हैं। विभिन्न राजनीतिक दलों और चुनाव अभियानों के साथ काम करने के बाद उन्होंने बिहार में जन सुराज अभियान शुरू किया और बाद में इसे राजनीतिक दल का स्वरूप दिया।अब विधायक के रूप में शपथ लेने के बाद उनके राजनीतिक सफर का नया अध्याय शुरू हुआ है।
जन सुराज के पास विधानसभा में फिलहाल प्रशांत किशोर के रूप में एक ही विधायक होने के कारण उनकी भूमिका पर सभी की नजर रहेगी।समर्थकों का मानना है कि सदन में संख्या कम होने के बावजूद कोई विधायक जनहित के मुद्दों, सवालों, चर्चाओं और नीतिगत बहस के जरिए प्रभावी भूमिका निभा सकता है। प्रशांत किशोर से अपेक्षा की जा रही है कि वे बिहार की उन समस्याओं को विधानसभा में प्रमुखता से उठाएंगे, जिनका उल्लेख वे अपनी राजनीतिक यात्राओं और अभियानों के दौरान लगातार करते रहे हैं।
प्रशांत किशोर बिहार में शिक्षा व्यवस्था, रोजगार के अवसर, युवाओं का पलायन, स्वास्थ्य सुविधाएं और प्रशासनिक सुधार जैसे मुद्दों को लंबे समय से उठाते रहे हैं। विधायक बनने के बाद अब उनके पास इन मुद्दों को विधानसभा के भीतर उठाने का संवैधानिक मंच भी होगा। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि वे सदन में किन मुद्दों को प्राथमिकता देते हैं और सरकार की नीतियों पर किस तरह का रुख अपनाते हैं।
बांकीपुर से विधायक बनने के बाद प्रशांत किशोर के सामने राज्यस्तरीय राजनीति के साथ अपने विधानसभा क्षेत्र की स्थानीय समस्याओं का समाधान कराने की भी जिम्मेदारी होगी। सड़क, यातायात, नागरिक सुविधाएं, स्वच्छता, जल निकासी और स्थानीय विकास से जुड़े मुद्दों पर भी उनके कामकाज पर मतदाताओं की नजर रहेगी।
चुनावी रणनीति और जन सुराज अभियान से पहचान बनाने वाले प्रशांत किशोर अब सीधे विधायी राजनीति में उतर चुके हैं। उनकी विधानसभा में मौजूदगी को बिहार की राजनीति में एक नई भूमिका के रूप में देखा जा रहा है। पार्टी की संख्या भले ही एक विधायक तक सीमित हो, लेकिन समर्थकों को उम्मीद है कि बिहार के हितों से जुड़े सवालों पर प्रशांत किशोर की आवाज सदन में बार-बार और प्रभावी तरीके से सुनाई देगी।