



कॉन्स्टिट्यूशन क्लब जयपुर में हुआ मंथन, जनविरोधी नीतियों, विफलताओं और कुशासन के मुद्दे सदन में उठाने का संकल्प
जयपुर। राजस्थान विधानसभा के आगामी षष्ठम सत्र से पहले कांग्रेस विधायक दल की महत्वपूर्ण बैठक बुधवार को जयपुर के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में आयोजित हुई। बैठक में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और विधायकों ने सदन की रणनीति, जनहित के मुद्दों और राज्य सरकार को घेरने की तैयारी पर विस्तृत चर्चा की। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि आगामी सत्र में भाजपा सरकार की जनविरोधी नीतियों, विफलताओं, प्रशासनिक अव्यवस्था और कथित कुशासन से जुड़े मुद्दों को मजबूती से सदन में उठाया जाएगा।
बैठक में यह तय किया गया कि कांग्रेस विधायक अलग-अलग विभागों और जनहित से जुड़े मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगेंगे। पार्टी का फोकस ऐसे विषयों पर रहेगा, जिनका सीधा असर आम जनता, किसानों, युवाओं, महिलाओं, कर्मचारियों और कमजोर वर्गों पर पड़ता है। नेताओं ने कहा कि विपक्ष की जिम्मेदारी केवल विरोध करना नहीं, बल्कि जनता के सवालों को सदन तक पहुंचाना और सरकार को जवाबदेह बनाना भी है।
कांग्रेस विधायक दल ने बैठक में संकल्प लिया कि प्रदेशवासियों के अधिकारों और हितों से जुड़े विषयों को पूरी मजबूती से उठाया जाएगा। पार्टी नेताओं ने कहा कि जनता की समस्याओं, विकास कार्यों की स्थिति, कानून व्यवस्था, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और प्रशासनिक मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगा जाएगा।
बैठक में विधानसभा के आगामी षष्ठम सत्र की कार्यवाही को लेकर भी विस्तार से चर्चा हुई। विधायकों को सदन में मुद्दों को नियमों के तहत प्रभावी तरीके से उठाने और समन्वित रणनीति के साथ आगे बढ़ने पर जोर दिया गया। कांग्रेस का प्रयास रहेगा कि अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़े मुद्दों को केवल स्थानीय स्तर तक सीमित न रखकर उन्हें राज्यव्यापी जनहित के सवालों के रूप में सदन में उठाया जाए।
बैठक में प्रदेश कांग्रेस प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, उपनेता प्रतिपक्ष रामकेश मीणा, कांग्रेस के मुख्य सचेतक रफीक खान सहित कांग्रेस विधायक दल के सदस्य मौजूद रहे। बैठक में वरिष्ठ नेताओं ने विधायकों से अपने-अपने क्षेत्रों के प्रमुख मुद्दों की तैयारी के साथ सदन में सक्रिय भागीदारी करने का आह्वान किया।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पार्टी जनता के अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए सड़क से सदन तक संघर्ष जारी रखेगी। पार्टी ने संकेत दिया कि विधानसभा सत्र के दौरान सरकार की नीतियों और कामकाज पर आक्रामक लेकिन मुद्दा-आधारित रणनीति अपनाई जाएगी।