



दिल्ली ACB की कार्रवाई, पूर्व दिल्ली जल बोर्ड CEO उदित प्रकाश राय भी गिरफ्तार, 1.52 करोड़ रुपये की कथित रिश्वत का आरोप
नई दिल्ली। दिल्ली एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट से जुड़े टेंडरों में कथित गड़बड़ी के मामले में पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई में दिल्ली जल बोर्ड के पूर्व CEO उदित प्रकाश राय भी शामिल हैं।
ACB का आरोप है कि टेंडर की शर्तों में कथित रूप से इस तरह बदलाव किए गए, जिससे एक खास कंपनी को फायदा पहुंचाया जा सके। जांच एजेंसी का दावा है कि उदित प्रकाश राय को इस मामले में 1.52 करोड़ रुपये की रिश्वत दी गई।
मामले में ACB ने आरोप लगाया है कि दिल्ली जल बोर्ड में टेंडर प्रक्रिया के दौरान पक्षपातपूर्ण शर्तें तय की गईं और इसके एवज में कथित रूप से रिश्वत का लेनदेन हुआ।
एजेंसी के अनुसार पूर्व CEO उदित प्रकाश राय को करीब 1 करोड़ 52 लाख रुपये की रिश्वत दी गई थी। हालांकि आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।
ACB का कहना है कि सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट से जुड़े टेंडरों में ऐसी शर्तें रखी गईं, जिनसे एक विशेष कंपनी को प्रतिस्पर्धात्मक लाभ मिला। एजेंसी अब इस बात की जांच कर रही है कि टेंडर प्रक्रिया में किन अधिकारियों, सलाहकारों और निजी कंपनियों की क्या भूमिका रही और कथित रिश्वत की रकम किस तरह से ट्रांसफर की गई।
ACB ने इस मामले में कुल छह लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन, दिल्ली जल बोर्ड के पूर्व CEO उदित प्रकाश राय, पूर्व कॉन्ट्रैक्चुअल कंसल्टेंट अंकित श्रीवास्तव और कंपनी मालिक नागेंद्र यादव, राजा कुमार कुर्रा तथा पंकज वर्मा शामिल हैं। सभी आरोपियों से पूछताछ कर मामले से जुड़े दस्तावेजों, भुगतान और टेंडर प्रक्रिया की जांच की जा रही है।
ACB मामले से जुड़े वित्तीय लेनदेन, टेंडर दस्तावेज, अधिकारियों और निजी कंपनियों के बीच संपर्क तथा निर्णय प्रक्रिया की जांच कर रही है। एजेंसी यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित गड़बड़ी केवल एक टेंडर तक सीमित थी या इसमें अन्य परियोजनाएं भी शामिल थीं।