



सीकर पुलिस की 6 टीमों ने राजस्थान से हरियाणा तक खंगाले करीब 500 CCTV कैमरे, बल्लभगढ़ के किराए के मकान से आरोपी महिला गिरफ्तार
सीकर। खाटूश्यामजी से 15 अगस्त को लापता हुए 20 महीने के मासूम रोनक को सीकर पुलिस ने हरियाणा के बल्लभगढ़ से सकुशल बरामद कर लिया है। पुलिस के अनुसार बच्चे का अपहरण 30 वर्षीय पिंकी ने किया था। आरोपी महिला के कोई संतान नहीं थी और औलाद की चाह में उसने कथित रूप से यह वारदात की।
पुलिस के मुताबिक आरोपी महिला खाटूश्यामजी से बच्चे को लेकर सीधे हरियाणा चली गई थी। लगातार तकनीकी निगरानी, मुखबिर तंत्र और CCTV फुटेज के आधार पर पुलिस उसकी लोकेशन तक पहुंची और बल्लभगढ़ स्थित एक किराए के मकान से उसे पकड़ लिया।
सीकर SP प्रवीण नायक नूनावत ने प्रेस वार्ता में बताया कि रोनक की तलाश के लिए पुलिस की 6 अलग-अलग टीमों का गठन किया गया था। टीमों ने सीकर से हरियाणा तक करीब 500 CCTV कैमरों के फुटेज खंगाले। पुलिस ने मुखबिर तंत्र और तकनीकी साक्ष्यों का भी सहारा लिया। लगातार मिले सुरागों के आधार पर आरोपी महिला की पहचान और उसकी लोकेशन का पता चला।
पुलिस टीमों ने राजस्थान के साथ हरियाणा में भी संभावित ठिकानों पर दबिश दी। जांच के दौरान टीम बल्लभगढ़ पहुंची, जहां आरोपी महिला एक किराए के मकान में मिली। पुलिस ने पिंकी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से मासूम रोनक को सुरक्षित बरामद किया।
SP नूनावत के अनुसार आरोपी महिला मूल रूप से बिहार की रहने वाली है और बल्लभगढ़ में रह रही थी। पुलिस का कहना है कि शादी के करीब चार साल बाद भी संतान नहीं होने के कारण उसने पहली बार इस तरह का आपराधिक कदम उठाया। हालांकि पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच और पूछताछ जारी है।
रोनक अपने माता-पिता के साथ 15 अगस्त को उत्तर प्रदेश के बरेली से खाटूश्यामजी दर्शन के लिए आया था। श्यामकुंड क्षेत्र से वह अचानक गायब हो गया। परिवार ने पहले आसपास काफी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद बच्चे के पिता रामबहादुर ने अगले दिन खाटूश्यामजी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत सर्च ऑपरेशन शुरू किया। खाटूश्यामजी से बाहर जाने वाले मार्गों के CCTV फुटेज खंगाले गए और तकनीकी इनपुट के आधार पर जांच का दायरा हरियाणा तक बढ़ाया गया। करीब 500 कैमरों की फुटेज और मिले सुरागों के आधार पर पुलिस आखिरकार आरोपी महिला तक पहुंची।
SP प्रवीण नायक नूनावत ने आमजन से अपील की कि धार्मिक स्थलों, मेलों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर बच्चों की विशेष निगरानी रखें। उन्होंने धर्मशाला और होटल संचालकों से भी यात्रियों की पहचान संबंधी दस्तावेज लेने और संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की।