



जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मंगलवार को राजस्थान में करीब 3,500 करोड़ रुपये के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस अवसर पर प्रदेश में पर्यावरण अनुकूल सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने के लिए 71 पीएम ई-बसों का शुभारंभ भी किया गया। साथ ही श्रम विभाग की विभिन्न योजनाओं के तहत 1 लाख 32 हजार 421 श्रमिकों एवं उनके आश्रितों को 154 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता राशि डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित की गई।
एचसीएम रीपा में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मूलमंत्र के अनुरूप डबल इंजन सरकार ग्रीन और क्लीन एनर्जी की दिशा में लगातार आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि ये परियोजनाएं ‘विकसित राजस्थान-2047’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होंगी।
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को कुल 71 अत्याधुनिक पीएम ई-बसें समर्पित कीं। इनमें जयपुर और भीलवाड़ा की 24 ई-बसों को जयपुर से हरी झंडी दिखाई गई, जबकि अलवर, अजमेर, जोधपुर, कोटा और उदयपुर की कुल 47 ई-बसों का वर्चुअल शुभारंभ किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इलेक्ट्रिक मोबिलिटी आर्थिक विकास, ऊर्जा सुरक्षा और प्रदूषण मुक्त भविष्य की मजबूत नींव बन रही है। चार्जिंग नेटवर्क के विस्तार, ऑटो इंडस्ट्री के लिए पीएलआई योजना और पीएम ई-ड्राइव जैसी पहलों से देश में ईवी इकोसिस्टम मजबूत हुआ है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2016 के बाद देश में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री करीब 46 गुना बढ़ी है।
नई ई-बसों से यात्रियों को किफायती, आरामदायक और सुगम सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध होने के साथ शहरों में प्रदूषण कम करने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।
कार्यक्रम में श्रम विभाग की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के तहत 1,32,421 श्रमिकों और उनके आश्रितों को 154 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता राशि डीबीटी के जरिए उनके खातों में हस्तांतरित की गई।
इस दौरान श्रमिकों को डिजिटल गैस डिटेक्टर और फायर रेस्क्यू किट भी वितरित किए गए।
मुख्यमंत्री ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़ी कई परियोजनाएं जनता को समर्पित कीं। इनमें आरयूएचएस जयपुर में 128 स्लाइस सीटी स्कैन और 1.5 टेस्ला एमआरआई मशीन प्रमुख हैं।
आरयूएचएस में 18 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से तैयार स्नातक छात्रावास का भी लोकार्पण किया गया। इसके अलावा एसएमएस अस्पताल के आयुष्मान टावर के अंतर्गत कार्डियोवैस्कुलर साइंसेज संस्थान और चांदपोल स्थित जनाना अस्पताल में 51 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से तैयार नवीन आईपीडी टावर का लोकार्पण किया गया।
झोटवाड़ा के अभयपुर और दूदू विधानसभा क्षेत्र के रेहलाना में उप स्वास्थ्य केंद्र भी जनता को समर्पित किए गए।
अमृत 2.0 योजना के तहत जयपुर नगर निगम क्षेत्र में 465 करोड़ रुपये से अधिक के सीवरेज कार्यों की आधारशिला रखी गई।
इस परियोजना के तहत 507 किलोमीटर से अधिक लंबी सीवर लाइन बिछाई जाएगी और लगभग 52 हजार आवासों को सीवर कनेक्शन दिए जाएंगे। सरकार के अनुसार इससे करीब 13 लाख नागरिकों को लाभ मिलेगा।
जयपुर की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए 81 करोड़ रुपये की लागत से सात कार्यों का शिलान्यास किया गया। इनमें करतारपुरा नाले के पास अंडरब्रिज, अजमेर रोड स्थित पुरानी चुंगी जंक्शन पर अंडरब्रिज तथा सीकर रोड, महल रोड और न्यू सांगानेर रोड पर यू-टर्न एवं सब-वे निर्माण जैसे कार्य शामिल हैं।
इसके अलावा टोंक रोड और महल रोड को जोड़ने के लिए करीब 60 करोड़ रुपये की लागत से यातायात विकास कार्य भी किए जाएंगे।
प्रदेश के नगरीय निकायों में बेहतर अपशिष्ट प्रबंधन के लिए 625 करोड़ रुपये से अधिक लागत के 76 विकास कार्यों का शिलान्यास किया गया।
वहीं प्रदेश के नगरीय निकायों में 109 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से निर्मित 395 पिंक टॉयलेट सहित कुल 506 शौचालयों का लोकार्पण किया गया। 57 निकायों में करीब 19 करोड़ रुपये की लागत से एलईडी स्ट्रीट लाइट सहित विभिन्न विकास कार्य भी जनता को समर्पित किए गए।
ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए द्रव्यवती नदी पर 35 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से रूफटॉप सोलर परियोजना का शिलान्यास किया गया। झोटवाड़ा में सैटेलाइट चिकित्सालय सहित अन्य विकास कार्यों की भी आधारशिला रखी गई।
इसके अलावा राजस्थान पुलिस अकादमी में 12 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से निर्मित 300 प्रशिक्षुओं की क्षमता वाले महिला छात्रावास और अजमेर में करीब 24 करोड़ रुपये के सड़क निर्माण एवं सुदृढ़ीकरण कार्यों का लोकार्पण किया गया।
स्वायत्त शासन एवं नगरीय विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) झाबर सिंह खर्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार जल, बिजली, सड़क, शिक्षा, चिकित्सा और रोजगार जैसे बुनियादी क्षेत्रों पर काम कर रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि राजस्थान आने वाले समय में विकसित प्रदेश के रूप में देश में अलग पहचान बनाएगा।
कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा, चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर, विधि एवं विधिक कार्य मंत्री जोगाराम पटेल, सांसद मंजू शर्मा, विधायक कालीचरण सराफ, गोपाल शर्मा और कैलाश वर्मा सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में आमजन मौजूद रहे।