Tuesday, 18 August 2026

ग्रेच्युटी सीमा बढ़कर 25 लाख, 70 वर्ष की आयु के बाद 5% अतिरिक्त पेंशन भत्ता: भजनलाल शर्मा


ग्रेच्युटी सीमा बढ़कर 25 लाख, 70 वर्ष की आयु के बाद 5% अतिरिक्त पेंशन भत्ता: भजनलाल शर्मा

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पेंशनर्स से युवा पीढ़ी के साथ अनुभव साझा करने की अपील, आउटडोर चिकित्सा सुविधा की सीमा भी बढ़ी, 5 लाख से अधिक पेंशनर्स ने घर बैठे लिया जीवन प्रमाण-पत्र सुविधा का लाभ

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार वरिष्ठजनों और पेंशनर्स के सम्मान, स्वास्थ्य, आर्थिक सुरक्षा और सुविधाओं के लिए लगातार महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। सरकार ने ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा 20 लाख रुपये से बढ़ाकर 25 लाख रुपये कर दी है। इसके साथ ही 70 वर्ष की आयु पूरी करने वाले पेंशनर्स को 5 प्रतिशत अतिरिक्त पेंशन भत्ता दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री मंगलवार को राजस्थान पेंशनर समाज की ओर से आयोजित सम्मान एवं आभार कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने पेंशनर्स से अपने प्रशासनिक और व्यावहारिक अनुभव युवा पीढ़ी के साथ साझा करने की अपील की।

‘सेवा से निवृत्त हो सकते हैं, सामाजिक दायित्व से नहीं’

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी कर्मचारी या अधिकारी राजकीय सेवा से सेवानिवृत्त हो सकता है, लेकिन सामाजिक दायित्व से कभी सेवानिवृत्त नहीं होता। पेंशनर्स के पास वर्षों का प्रशासनिक अनुभव, निर्णय लेने का कौशल और धरातल की समस्याओं को समझने की क्षमता है। यह अनुभव विकसित राजस्थान के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

उन्होंने कहा कि राजस्थान आज विकास की जिन ऊंचाइयों पर खड़ा है, उसकी नींव में पेंशनर समाज का परिश्रम और दूरदर्शिता भी शामिल है। प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, पुलिस, कृषि, ग्रामीण विकास और जनसेवा सहित विभिन्न क्षेत्रों में सेवानिवृत्त कार्मिकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।

ग्रेच्युटी 25 लाख, 70 साल के बाद 5% अतिरिक्त पेंशन

मुख्यमंत्री ने पेंशनर्स और कर्मचारियों के हित में लिए गए फैसलों का उल्लेख करते हुए बताया कि ग्रेच्युटी की सीमा 20 लाख से बढ़ाकर 25 लाख रुपये की गई है। इसके अलावा 30 जून को सेवानिवृत्त होने वाले राज्य कर्मचारियों को 1 जुलाई की वेतन वृद्धि का लाभ देने का प्रावधान किया गया है। किसी कर्मचारी की मृत्यु होने की स्थिति में उसके परिवार को राहत देने के लिए 10 वर्ष तक बढ़ी हुई पारिवारिक पेंशन का प्रावधान किया गया है।

वहीं 70 वर्ष की आयु पूरी करने पर 5 प्रतिशत अतिरिक्त पेंशन भत्ता दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री के अनुसार यह लाभ न्यायिक सेवा के पेंशनर्स और पारिवारिक पेंशनर्स के लिए भी लागू किया गया है।

पेंशन के लिए नहीं लगाने पड़ेंगे कार्यालयों के चक्कर

राज्य सरकार ने पेंशन स्वीकृति से संबंधित प्रक्रिया को सरल करते हुए ऑनलाइन आवेदन की सुविधा शुरू की है। इसका उद्देश्य सेवानिवृत्त कर्मचारियों को पेंशन के लिए अलग-अलग सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत देना है।

पेंशन प्रकरणों के त्वरित निस्तारण के साथ PPO, GPO और CPO की स्वीकृतियां डिजिटल हस्ताक्षर से जारी की जा रही हैं। पारिवारिक पेंशन की सत्यापन प्रक्रिया को भी सरल बनाया गया है।

5 लाख से ज्यादा पेंशनर्स को घर बैठे जीवन प्रमाण-पत्र की सुविधा

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार के 5 लाख से अधिक पेंशनर्स अब तक घर बैठे जीवन प्रमाण-पत्र की सुविधा का लाभ उठा चुके हैं। सरकारी अधिकारी अपनी SSO ID के माध्यम से भी पेंशनर अथवा पारिवारिक पेंशनर का जीवन प्रमाण-पत्र जारी कर सकते हैं। इसके साथ ही पारिवारिक पेंशन की पात्रता का दायरा बढ़ाते हुए विशेष योग्यजन भाई-बहन को भी शामिल किया गया है।

पेंशनर्स की मेडिकल सुविधा में भी बढ़ोतरी

राज्य सरकार ने पेंशनर्स के आउटडोर चिकित्सा सुविधा व्यय की सीमा में भी बढ़ोतरी की है। राज्य सरकार के पेंशनर्स के लिए यह सीमा 30 हजार रुपये से बढ़ाकर 50 हजार रुपये प्रतिवर्ष कर दी गई है। राजकीय उपक्रमों, स्वायत्तशासी संस्थाओं, बोर्ड, निगम और विश्वविद्यालयों के पेंशनर्स के लिए यह सीमा 20 हजार से बढ़ाकर 30 हजार रुपये प्रतिवर्ष की गई है।

आठवें वेतन आयोग की रिपोर्ट के बाद सिफारिश करेगी उच्च स्तरीय समिति

मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों के लिए एक और महत्वपूर्ण घोषणा का उल्लेख करते हुए कहा कि पदोन्नति और वेतनमान संबंधी विसंगतियों एवं मांगों पर विचार करने के लिए उच्च स्तरीय समिति का गठन किया जा रहा है। यह समिति आठवें वेतन आयोग की रिपोर्ट आने के बाद राजस्थान में उसे लागू करने से संबंधित सिफारिशें भी करेगी।

पदोन्नति में दो साल की छूट, अनुकंपा नियुक्ति में पुत्रवधू भी पात्र

मुख्यमंत्री ने कहा कि पदोन्नति में आवश्यक अनुभव की समय सीमा में दो वर्ष की छूट देने सहित कर्मचारियों के हित में कई नीतिगत फैसले लिए गए हैं। दिव्यांग कर्मचारियों को वर्ष 2016 से पदोन्नति का लाभ देने के लिए नियमों में संशोधन तथा विभिन्न राज्य एवं अधीनस्थ सेवाओं में पदोन्नति के अवसर बढ़ाने के कदम भी उठाए गए हैं।

सेवा के दौरान राजकीय कर्मचारी की मृत्यु होने पर उसके परिवार को राहत देने के लिए अनुकंपा नियुक्ति में पुत्रवधू को भी पात्र मानने का निर्णय किया गया है।कार्यक्रम में सांसद मदन राठौड़, विधायक गोपाल शर्मा, राजस्थान पेंशनर समाज के अध्यक्ष शंकर सिंह मनोहर सहित जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में पेंशनर्स मौजूद रहे।

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