



साइबर ठगी का मामला रफा-दफा करने के लिए 8 लाख रुपए मांगने का आरोप, 4 लाख पहले लेने का दावा, ACB की गाड़ी को टक्कर मारकर भागने की कोशिश भी की
सीकर। सीकर में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने उत्तर प्रदेश की अयोध्या साइबर पुलिस के एक सब इंस्पेक्टर और तीन कॉन्स्टेबल को कथित तौर पर 2.80 लाख रुपए रिश्वत की रकम लेकर लौटते समय पकड़ा है। आरोप है कि चारों पुलिसकर्मी सीकर के एक युवक के खिलाफ दर्ज साइबर ठगी के मामले को रफा-दफा करने के बदले रिश्वत ले रहे थे।
ACB ने मंगलवार दोपहर सीकर-बीकानेर नेशनल हाईवे स्थित रसीदपुरा टोल पर कार्रवाई कर चारों को रोका। तलाशी के दौरान उनके पास से 2.80 लाख रुपए बरामद होने का दावा किया गया है।
जानकारी के अनुसार सीकर के एक युवक के खिलाफ अयोध्या साइबर पुलिस में साइबर ठगी से संबंधित मामला दर्ज था। आरोप है कि मामले को रफा-दफा करने के लिए पुलिसकर्मियों ने परिवादी से 8 लाख रुपए की मांग की थी। इसमें से 4 लाख रुपए पहले ही लिए जाने का आरोप है। इसके बाद अयोध्या साइबर पुलिस के सब इंस्पेक्टर यशवंत सिंह और कॉन्स्टेबल गौरव, सोहन तथा पवन त्रिपाठी रिश्वत की शेष रकम लेने के लिए करीब 800 किलोमीटर दूर सीकर पहुंचे थे।
सीकर ACB के ASP विजय सिंह के अनुसार आरोपी पुलिसकर्मी करीब तीन दिन पहले परिवादी से रिश्वत लेने के लिए सीकर आए थे।
परिवादी से रकम लेने के बाद वे कार से वापस अयोध्या लौट रहे थे। इसी दौरान परिवादी की सूचना पर ACB ने पहले से जाल बिछाकर रसीदपुरा टोल पर उनकी गाड़ी रुकवाई।
ACB की टीम ने कार की तलाशी ली तो कथित रिश्वत के 2 लाख 80 हजार रुपए बरामद हुए।ACB अधिकारियों के अनुसार पूछताछ के दौरान चारों पुलिसकर्मी इस रकम के संबंध में संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। इसके बाद टीम ने चारों को हिरासत में लेकर आगे की पूछताछ शुरू की।
कार्रवाई के दौरान मामला उस समय और गंभीर हो गया जब आरोपियों ने कथित तौर पर अपनी कार से ACB टीम की गाड़ी को टक्कर मारकर भागने की कोशिश की। ACB की टीम ने पीछा कर चारों को पकड़ लिया। इसके बाद सब इंस्पेक्टर यशवंत सिंह और तीनों कॉन्स्टेबल को गिरफ्तार कर लिया गया।
ACB के अनुसार चारों पुलिसकर्मी उत्तर प्रदेश के अयोध्या से सीकर तक केवल रिश्वत की रकम लेने के लिए आए थे। अब जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि साइबर ठगी से जुड़े मूल मामले में इन पुलिसकर्मियों की क्या भूमिका थी, रिश्वत की मांग किस स्तर पर की गई और इसमें किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता तो नहीं है।
सीकर ACB की टीम चारों आरोपियों से पूछताछ कर रही है। बरामद रकम, फोन कॉल, संपर्क और संबंधित साइबर केस के दस्तावेजों की भी जांच की जा सकती है।मामले में आगे की जांच के बाद यह स्पष्ट होगा कि कथित रिश्वत की पूरी डील कैसे हुई और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही।