



पुलिस जीप से उतारकर मारपीट, आरोपी प्रिंसिपल हिरासत में, वायरल वीडियो में छात्रा से प्रिंसिपल के चेहरे पर कालिख पुतवाने का दावा
अजमेर। पुष्कर के निकटवर्ती कड़ैल गांव के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में कक्षा नौ की छात्रा से कथित अनुचित व्यवहार के आरोप के बाद सोमवार को जमकर हंगामा हो गया। घटना से नाराज कड़ैल, गुढ़ा और आसपास के गांवों के सैकड़ों ग्रामीण स्कूल पहुंच गए और प्रिंसिपल सुशील कुमार रिणवा के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने लगे।
मामला इतना बढ़ गया कि पुलिस जब आरोपी प्रिंसिपल को जीप में बैठाकर पुष्कर थाने ले जाने लगी तो गुस्साए ग्रामीणों ने पुलिस से धक्का-मुक्की कर उसे जीप से नीचे उतार लिया और उसकी पिटाई कर दी। बाद में अतिरिक्त पुलिस जाप्ता बुलाकर आरोपी को सुरक्षा घेरे में लिया गया और थाने पहुंचाया गया।
जानकारी के अनुसार सोमवार को स्कूल के प्रिंसिपल सुशील कुमार रिणवा पर कक्षा नौ की छात्रा से अनुचित व्यवहार करने का आरोप लगा। इसकी सूचना फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण विद्यालय पहुंच गए।
ग्रामीणों ने प्रिंसिपल को एक कमरे में बंद कर दिया और उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करने लगे। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया।
विरोध बढ़ता देख थानाधिकारी अशोक बिस्सु पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने विद्यालय के पिछले दरवाजे से आरोपी प्रिंसिपल को जीप में बैठाकर थाने ले जाने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस उपाधीक्षक शमशेर सिंह, उपखंड अधिकारी गुरु प्रसाद तंवर और तहसीलदार इंद्रजीत सिंह चौहान भी मौजूद रहे।जैसे ही पुलिस आरोपी को लेकर जाने लगी, ग्रामीणों ने रास्ता रोक दिया और उसे पैदल ले जाने की मांग करने लगे।
आरोप है कि इसी दौरान आक्रोशित ग्रामीणों ने पुलिस से धक्का-मुक्की कर प्रिंसिपल को जीप से नीचे उतार लिया और उसकी पिटाई कर दी।हालात बिगड़ते देख पुष्कर थाने से अतिरिक्त जाप्ता बुलाया गया। पुलिस ने आरोपी को सुरक्षा घेरे में लिया और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया।प्रदर्शनकारी सड़क पर बैठकर नारेबाजी करते रहे और आरोपी की पैदल परेड कराने की मांग पर अड़े रहे।
उपखंड अधिकारी गुरु प्रसाद तंवर ने विद्यालय के कक्ष में जाकर पीड़िता छात्रा से घटनाक्रम की जानकारी ली और उससे लिखित रिपोर्ट भी ली।इसके बाद पुलिस आरोपी प्रिंसिपल को हिरासत में लेकर पुष्कर थाने पहुंची।
घटना से जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। वीडियो में विद्यालय के स्टाफ रूम में एक अध्यापिका छात्रा से कथित रूप से आरोपी प्रिंसिपल के चेहरे पर कालिख पुतवाती दिखाई दे रही है।बताया जा रहा है कि छात्रा पहले ऐसा करने से इनकार करती है, लेकिन इसके बावजूद उसे कालिख लगाने के लिए कहा जाता है। हालांकि वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। वीडियो की वास्तविकता और पूरे घटनाक्रम की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
बताया जा रहा है कि हंगामे के दौरान प्रगतिशील शिक्षक संघ से जुड़ी एक पदाधिकारी भी मौके पर पहुंचीं। वायरल वीडियो में जिस अध्यापिका द्वारा छात्रा से कालिख लगवाने की बात कही जा रही है, उसकी भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।इस पहलू पर भी प्रशासन और शिक्षा विभाग की ओर से जांच किए जाने की संभावना है।
हंगामे के दौरान पूर्व जिला परिषद सदस्य महेंद्र सिंह मझेवला भी मौके पर मौजूद रहे। जब पुलिस आरोपी प्रिंसिपल को लेकर रवाना होने लगी तो ग्रामीणों ने मझेवला के खिलाफ भी नारेबाजी की।ग्रामीणों के विरोध के बाद मझेवला ने घटना की निंदा करते हुए अपनी स्थिति स्पष्ट की। बीजेपी पुष्कर मंडल अध्यक्ष शक्ति सिंह और पूर्व जिला परिषद सदस्य महेंद्र सिंह मझेवला ने पुलिस को घटनाक्रम की लिखित शिकायत भी सौंपी।
पुलिस उपाधीक्षक ग्रामीण अजमेर शमशेर सिंह ने बताया कि कड़ैल के राजकीय विद्यालय के प्रिंसिपल को हिरासत में लिया गया है और छात्रा से अनुचित व्यवहार के आरोप में उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।उन्होंने कहा कि मामले में कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जा रही है।
फिलहाल आरोपी प्रिंसिपल के खिलाफ छात्रा से अनुचित व्यवहार के आरोप की जांच की जा रही है। वहीं ग्रामीणों द्वारा की गई मारपीट, वायरल वीडियो और कालिख पुतवाने के घटनाक्रम को लेकर भी अलग-अलग सवाल उठ रहे हैं। मामले में आगे पुलिस, शिक्षा विभाग और प्रशासन की जांच के बाद ही सभी पहलुओं की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।