Monday, 17 August 2026

टोंक जेल में कैदी गणदेव गुर्जर की मौत पर आक्रोश: गुर्जर समाज का प्रदर्शन, जेलर सहित जिम्मेदार कर्मियों को सस्पेंड करने की मांग


टोंक जेल में कैदी गणदेव गुर्जर की मौत पर आक्रोश: गुर्जर समाज का प्रदर्शन, जेलर सहित जिम्मेदार कर्मियों को सस्पेंड करने की मांग

ख़बर सुनिए:

0:00
0:00
Audio thumbnail

कलक्ट्रेट में नारेबाजी के बाद घंटाघर पर धरने पर बैठे प्रदर्शनकारी, CCTV फुटेज उपलब्ध कराने और मामले में मुकदमा दर्ज करने की मांग, कार्रवाई नहीं होने पर अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी

टोंक। जिला कारागृह टोंक में कैदी गणदेव गुर्जर की तबीयत बिगड़ने के बाद हुई मौत का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। पूर्व में जयपुर में हुई वार्ता के बाद भी मांगों पर कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए सोमवार को गुर्जर समाज के लोगों ने टोंक जिला कलक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने जेल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए घटना के समय ड्यूटी पर मौजूद जेलर सहित संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को निलंबित करने की मांग की।

समाज के लोगों ने चेतावनी दी कि मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो अनिश्चितकालीन धरना दिया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात रहे और सुरक्षा की दृष्टि से बैरिकेडिंग भी की गई।

कलक्ट्रेट से घंटाघर पहुंचे प्रदर्शनकारी, धरने पर बैठे

प्रदर्शन के दौरान अतिरिक्त जिला कलक्टर विनोद मीना ने ज्ञापन लेने की बात कही। सोमवार दोपहर जिला कलक्ट्रेट में नगर निकाय चुनाव की वार्ड आरक्षण लॉटरी की प्रक्रिया होने के कारण प्रदर्शनकारियों को वहां धरना नहीं देने के लिए समझाया गया।

इसके बावजूद प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े रहे और जेल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। बाद में अतिरिक्त जिला कलक्टर विनोद मीना और एसडीएम सीमा खेतान से बातचीत के बाद प्रदर्शनकारी घंटाघर पहुंचे और वहां धरने पर बैठ गए।

इस दौरान कोतवाली थानाधिकारी भंवरलाल वैष्णव सहित भारी पुलिस जाब्ता तैनात किया गया। किसी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए बैरिकेड्स भी लगाए गए।

जेलर, डॉक्टर और ड्यूटी पर मौजूद कर्मियों को सस्पेंड करने की मांग

गुर्जर समाज ने मांग की कि गणदेव गुर्जर की तबीयत बिगड़ने और उपचार से जुड़े पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कराई जाए।

प्रदर्शनकारियों ने घटना की रात ड्यूटी पर मौजूद जेलर, डॉक्टर, प्रहरी तथा गणदेव को इलाज के लिए अस्पताल ले जाने वाले संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को तत्काल निलंबित करने की मांग की है।

समाज के प्रतिनिधियों ने मामले में आपराधिक प्रकरण दर्ज कर जिम्मेदारी तय करने की भी मांग की।

10 से 12 अगस्त तक की CCTV फुटेज मांगी

गुर्जर समाज ने जेल परिसर की 10 अगस्त से 12 अगस्त 2026 तक की संपूर्ण CCTV फुटेज परिवार को उपलब्ध कराने की मांग दोहराई।

समाज के लोगों का कहना है कि परिवार ने पोस्टमार्टम से पहले ही CCTV फुटेज उपलब्ध कराने की मांग की थी, लेकिन आरोप है कि अभी तक फुटेज नहीं दी गई।

प्रदर्शनकारियों ने सवाल उठाया कि गणदेव जिस बैरक में बंद था, उसमें मौजूद अन्य कैदियों के बयान लिए गए हैं या नहीं। यदि बयान नहीं लिए गए हैं तो इसका कारण भी स्पष्ट किया जाए।

परिवार के पास अस्पताल का वीडियो होने का दावा

गुर्जर समाज के प्रतिनिधियों ने दावा किया कि मृतक के परिवार के पास अस्पताल का एक वीडियो है, जिसमें गणदेव की स्थिति गंभीर दिखाई दे रही है। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि इलाज के दौरान लापरवाही बरती गई और जेल प्रशासन मामले में केवल औपचारिक कार्रवाई कर रहा है।

समाज के लोगों ने जेल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच की मांग की है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और जांच के बाद ही मौत की परिस्थितियों एवं किसी अधिकारी-कर्मचारी की जिम्मेदारी की स्थिति स्पष्ट होगी।

जेल में बंद गणदेव के साथियों की सुरक्षा पर भी जताई चिंता

प्रदर्शनकारियों ने टोंक जेल में बंद गणदेव गुर्जर के साथियों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई। उनका आरोप है कि जेल में कैदियों को प्रताड़ित किया जा रहा है।

समाज ने प्रशासन से जेल में बंद संबंधित कैदियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और इस संबंध में परिवार तथा समाज के लोगों को आश्वस्त करने की मांग की।

मुआवजा, संविदा नौकरी और बेटी को पालनहार योजना का लाभ देने की मांग

गुर्जर समाज के प्रतिनिधियों के अनुसार जयपुर में हुई वार्ता के दौरान पीड़ित परिवार को आर्थिक मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को संविदा नौकरी, डेयरी बूथ और मृतक की इकलौती बेटी को पालनहार योजना का संपूर्ण लाभ दिए जाने का लिखित आश्वासन दिया गया था।

प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि इन मांगों को अभी तक पूरा नहीं किया गया है। उन्होंने प्रशासन से पूर्व में दिए गए आश्वासनों पर जल्द कार्रवाई करने की मांग की।

कार्रवाई नहीं हुई तो अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी

ज्ञापन में कहा गया कि जब तक मामले से जुड़े जिम्मेदार जेल अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती, आंदोलन जारी रखा जाएगा। मांगें नहीं मानी गईं तो समाज ने अनिश्चितकालीन धरना शुरू करने की चेतावनी दी है।

प्रदर्शन में ओमप्रकाश, लवकुश, नरेश, मनोज, सोनू, प्रदीप, राजेश, विक्रम, साक्षी, मनमोहन, रूपसिंह, रामबिलास और महेंद्र सहित गुर्जर समाज के पुरुष एवं महिलाएं शामिल हुए।

Previous
Next

Related Posts