Wednesday, 05 August 2026

मूक-बधिर विद्यार्थियों के प्रदर्शन के बाद पूर्व प्रधानाचार्य भारत जोशी निलंबित, जांच के आदेश


मूक-बधिर विद्यार्थियों के प्रदर्शन के बाद पूर्व प्रधानाचार्य भारत जोशी निलंबित, जांच के आदेश

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सेठ आनंदीलाल पोद्दार विद्यालय में कथित कुप्रबंधन की जांच मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी की अध्यक्षता में होगी, दोषी पाए जाने वालों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रस्ताव मांगा

जयपुर। राजकीय सेठ आनंदीलाल पोद्दार मूक-बधिर उच्च माध्यमिक विद्यालय, जयपुर से जुड़े कथित कुप्रबंधन के मामले में शिक्षा विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है। विभाग ने विद्यालय के पूर्व प्रधानाचार्य और पदोन्नत जिला शिक्षा अधिकारी भारत जोशी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

शिक्षा (ग्रुप-2) विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार भारत जोशी के खिलाफ राजस्थान सिविल सेवाएं (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1958 के नियम 16 के अंतर्गत अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रारंभ की जा रही है। इसी क्रम में नियम 13(1) के तहत उन्हें निलंबित किया गया है।

निलंबन अवधि में बीकानेर रहेगा मुख्यालय

आदेश में कहा गया है कि निलंबन अवधि के दौरान भारत जोशी का मुख्यालय माध्यमिक शिक्षा निदेशक कार्यालय, बीकानेर रहेगा। इस दौरान उन्हें नियमानुसार निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।

दस्तावेज के अनुसार भारत जोशी को पूर्व में पदोन्नति के बाद जिला शिक्षा अधिकारी पद पर कार्यमुक्त किया जा चुका था। उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई विद्यालय में प्रधानाचार्य पद पर रहते हुए किए गए कार्यों से संबंधित बताई गई है।

विद्यार्थियों ने विद्यालय के बाहर किया था प्रदर्शन

संयुक्त निदेशक, स्कूल शिक्षा, जयपुर संभाग की ओर से जारी पत्र में बताया गया है कि 5 अगस्त को राजकीय सेठ आनंदीलाल पोद्दार मूक-बधिर उच्च माध्यमिक विद्यालय के विद्यार्थियों ने विद्यालय के बाहर प्रदर्शन किया था।

प्रदर्शन और विद्यालय में कथित कुप्रबंधन की शिकायतों के बाद मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी, जयपुर पूर्व ने उसी दिन जांच दल गठित किया था। जांच से संबंधित जानकारी संयुक्त निदेशक कार्यालय को भेजी गई।

मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी स्वयं करेंगे जांच की अध्यक्षता

संयुक्त निदेशक मंजू शर्मा ने मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी, जयपुर पूर्व को गठित जांच दल की स्वयं अध्यक्षता करने के निर्देश दिए हैं।

आदेश के अनुसार अधिकारी को 6 अगस्त को प्रकरण की विस्तृत जांच कर रिपोर्ट तैयार करनी है। जांच में दोषी पाए जाने वाले अधिकारी या कर्मचारी के विरुद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रस्ताव भी रिपोर्ट के साथ भेजने को कहा गया है।

कथित कुप्रबंधन की होगी विस्तृत पड़ताल

जांच में विद्यार्थियों की शिकायतों, विद्यालय की प्रशासनिक व्यवस्था और प्रदर्शन की परिस्थितियों की पड़ताल किए जाने की संभावना है। विभाग यह भी जांचेगा कि विद्यालय प्रबंधन के स्तर पर किन कमियों के कारण विद्यार्थियों को प्रदर्शन करना पड़ा।

हालांकि जांच पूरी होने तक किसी अन्य अधिकारी या कर्मचारी की जिम्मेदारी को अंतिम रूप से तय नहीं माना जा सकता। निलंबन भी विभागीय कार्रवाई है, दोषसिद्धि नहीं। अंतिम निर्णय जांच रिपोर्ट और विभागीय प्रक्रिया के बाद होगा।

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