Wednesday, 05 August 2026

मूक-बधिर विद्यार्थियों के धरने पर पहुंचे नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और कांग्रेस सचेतक रफीक खान , सरकार पर साधा निशाना


मूक-बधिर विद्यार्थियों के धरने पर पहुंचे नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और कांग्रेस सचेतक रफीक खान , सरकार पर साधा निशाना

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राजकीय सेठ आनंदीलाल पोद्दार मूक-बधिर विद्यालय में आंदोलनरत बच्चों से की मुलाकात, प्रशिक्षित शिक्षक और सम्मानजनक शिक्षा की व्यवस्था करने की मांग

जयपुर। राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और कांग्रेस सचेतक रफीक खान ने बुधवार को जयपुर के राजकीय सेठ आनंदीलाल पोद्दार मूक-बधिर उच्च माध्यमिक विद्यालय पहुंचकर धरने पर बैठे विद्यार्थियों से मुलाकात की।

दोनों नेताओं ने सांकेतिक भाषा और विद्यार्थियों के हाव-भाव के माध्यम से उनकी समस्याओं को समझने का प्रयास किया। नेता प्रतिपक्ष जूली ने कहा कि बच्चों की खामोशी और उनकी आंखों में दिखाई दे रही पीड़ा अत्यंत व्यथित करने वाली है।

विद्यालय और प्रशिक्षित शिक्षकों की मांग

नेता प्रतिपक्ष जूली ने सवाल उठाया कि मूक-बधिर विद्यार्थियों को विद्यालय, प्रशिक्षित शिक्षक और सम्मानपूर्वक शिक्षा प्राप्त करने का अधिकार क्यों नहीं मिल रहा है।

उन्होंने कहा कि जिन बच्चों को कक्षाओं में बैठकर अपने भविष्य के सपने संजोने चाहिए, वे अपनी बुनियादी मांगों के लिए धरना देने को मजबूर हैं। सरकार को उनकी समस्याओं का संवेदनशीलता और प्राथमिकता के साथ समाधान करना चाहिए।

‘बच्चों की आंखों में न्याय की उम्मीद’

नेता प्रतिपक्ष जूली ने कहा कि विद्यार्थियों के प्रत्येक इशारे में उनकी परेशानी और प्रत्येक चेहरे पर बेबसी दिखाई दे रही थी। उन्होंने दावा किया कि बच्चों की आंखों में अपनी समस्याओं के समाधान और न्याय की उम्मीद है।

उन्होंने कहा कि विशेष आवश्यकता वाले विद्यार्थी अपनी परेशानी सामान्य तरीके से व्यक्त नहीं कर सकते, इसलिए सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी और अधिक बढ़ जाती है।

भाजपा सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

नेता प्रतिपक्ष जूली ने भाजपा सरकार पर शिक्षा और विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के प्रति संवेदनहीनता बरतने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बच्चों के अधिकारों की अनदेखी केवल प्रशासनिक विफलता नहीं, बल्कि मानवीय दृष्टि से भी गंभीर मामला है।

नेता प्रतिपक्ष जूली ने आरोप लगाया कि सरकार विद्यार्थियों की समस्याओं को समय रहते नहीं सुन रही है। उन्होंने कहा कि बच्चों की शिक्षा, प्रशिक्षित शिक्षकों की उपलब्धता और जरूरी सुविधाओं से जुड़े मुद्दों पर तत्काल निर्णय लिया जाना चाहिए।

ये टीकाराम जूली के राजनीतिक आरोप हैं। राज्य सरकार अथवा शिक्षा विभाग का विस्तृत पक्ष सामने आने पर स्थिति अधिक स्पष्ट होगी।

समाधान के लिए तत्काल पहल की मांग

नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और कांग्रेस सचेतक रफीक खान  ने राज्य सरकार से विद्यार्थियों की मांगों पर तुरंत संवाद शुरू करने, विद्यालय में आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने और प्रशिक्षित शिक्षकों की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की।

उन्होंने कहा कि विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को शिक्षा के समान अवसर, सुरक्षित वातावरण और सम्मानजनक सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है।

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