Wednesday, 05 August 2026

राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के प्रतिनिधिमंडल ने स्कूल शिक्षा के अतिरिक्त मुख्य सचिव से की वार्ता: तृतीय श्रेणी शिक्षकों के तबादले और लंबित पदोन्नति पर शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन


राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के प्रतिनिधिमंडल ने स्कूल शिक्षा के अतिरिक्त मुख्य सचिव से की वार्ता: तृतीय श्रेणी शिक्षकों के तबादले और लंबित पदोन्नति पर शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन

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राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के प्रतिनिधिमंडल ने स्कूल शिक्षा के अतिरिक्त मुख्य सचिव से की वार्ता, पारदर्शी स्थानांतरण नीति, संविदा शिक्षकों के नियमितीकरण और गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्ति की मांग उठाई

जयपुर। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ राजस्थान (विद्यालय शिक्षा) के प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को स्कूल शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजेश यादव से शिक्षकों की लंबित मांगों को लेकर वार्ता की। संगठन के अनुसार बैठक में तृतीय श्रेणी शिक्षकों के स्थानांतरण और पदोन्नति सहित विभिन्न मुद्दों पर सकारात्मक पहल और शीघ्र निस्तारण का आश्वासन दिया गया।

प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व संगठन के प्रदेशाध्यक्ष रमेशचंद्र पुष्करणा ने किया। संगठन ने शिक्षकों की पदोन्नति, वेतन संरक्षण, रिक्त पदों के आवंटन, पारदर्शी स्थानांतरण नीति और संविदा शिक्षकों के नियमितीकरण सहित कई मांगें अधिकारियों के सामने रखीं।

क्रमोन्नत विद्यालयों में पद आवंटन की मांग

प्रदेश महामंत्री महेंद्र कुमार लखारा ने बताया कि संगठन ने माध्यमिक शिक्षा में स्टाफिंग पैटर्न लागू कर शैक्षणिक सत्र 2019-20 से 2025-26 के बीच क्रमोन्नत हुए विद्यालयों में पदों का शीघ्र आवंटन करने की मांग की। महासंघ ने शिक्षकों से की जा रही विभिन्न प्रकार की वसूलियां रोकने और प्रभावित शिक्षकों को पे-प्रोटेक्शन देने का विषय भी उठाया।

जीपीएफ और अवकाश भुगतान समय पर करने पर जोर

संगठन ने जीपीएफ एवं राज्य बीमा ऋण तथा उपार्जित अवकाशों के नकद भुगतान की समयबद्ध व्यवस्था करने की मांग की। इसके साथ ही शाला दर्पण और शिक्षा विभाग के अन्य पोर्टलों को अधिक गुणवत्तापूर्ण एवं उपयोगी बनाने का सुझाव दिया गया।

महासंघ का कहना है कि विभागीय सूचनाएं अलग-अलग पोर्टलों पर मांगने के बजाय शाला दर्पण से ही प्राप्त की जानी चाहिए, ताकि शिक्षकों पर अनावश्यक प्रशासनिक भार कम हो।

33 हजार संविदा शिक्षकों के नियमितीकरण की मांग

बैठक में प्रदेश के करीब 33 हजार संविदा शिक्षकों को प्रबोधकों की तर्ज पर नियमित करने की मांग रखी गई। संगठन ने शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्त रखने पर भी जोर दिया।

इसके अतिरिक्त 31 दिसंबर के बाद नियुक्त शिक्षकों को प्रथम नियुक्ति की तारीख से सभी सेवा लाभ देने और वेतन भुगतान के लिए विकल्प पत्र की अनिवार्यता में शिथिलता प्रदान करने संबंधी आदेश जारी करने की मांग की गई।

कंप्यूटर अनुदेशक कैडर मजबूत करने का मुद्दा

महासंघ ने सरकारी विद्यालयों में कंप्यूटर विज्ञान शिक्षा को सशक्त बनाने के लिए कंप्यूटर अनुदेशक कैडर के पुनर्गठन और सुदृढ़ीकरण की मांग की। संगठन ने कैडर संशोधन समिति के निर्णयों को लागू करने और कंप्यूटर अनुदेशकों के पद, पदोन्नति एवं सेवा संबंधी विसंगतियों का समाधान करने का आग्रह किया।

छह सत्रों से पदोन्नति लंबित होने का दावा

प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षकों के सभी संवर्गों की लंबित पदोन्नतियां शीघ्र करने की मांग रखी। संगठन के अनुसार तृतीय श्रेणी शिक्षकों की पदोन्नति छह शैक्षणिक सत्रों से लंबित है। महासंघ ने इस संबंध में सर्वोच्च न्यायालय में शीघ्र सुनवाई के लिए प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर पदोन्नति का रास्ता साफ कराने की मांग की।

महात्मा गांधी विद्यालयों के शिक्षकों को मिले विकल्प

संगठन ने महात्मा गांधी राजकीय विद्यालयों में नियुक्त शिक्षकों को पुनर्स्थापना का विकल्प देने की मांग की। नए जिलों के गठन के बाद शिक्षकों और अन्य कार्मिकों की वरिष्ठता पूर्ववत रखने का विषय भी बैठक में उठाया गया। प्रतियोगी परीक्षाओं में शिक्षकों की ड्यूटी एक ही पारी में लगाने और परीक्षा संबंधी कार्यों में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के शिक्षकों का भी सहयोग लेने का सुझाव दिया गया।

स्थानांतरण नीति बनाने की मांग

महासंघ ने शिक्षा विभाग में स्पष्ट और पारदर्शी स्थानांतरण नीति लागू करने की मांग की। संगठन ने तृतीय वेतन शृंखला के शिक्षकों के साथ शारीरिक शिक्षकों, पुस्तकालय अध्यक्षों और प्रयोगशाला सहायकों के भी स्थानांतरण करने का आग्रह किया। संगठन का कहना है कि लंबे समय से स्थानांतरण की प्रतीक्षा कर रहे कार्मिकों के प्रकरणों का समान और पारदर्शी नियमों के आधार पर समाधान होना चाहिए।

शिक्षक कल्याण बोर्ड के गठन का प्रस्ताव

बैठक में शिक्षक कल्याण बोर्ड गठित करने, संस्कृत शिक्षा को बढ़ावा देने और समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत अनुदान, प्रशिक्षण, पाठ्यपुस्तक एवं खेल सामग्री वितरण का वार्षिक कैलेंडर जारी करने की मांग की गई।

मध्याह्न भोजन योजना के अंतर्गत बाल गोपाल योजना में दूध पाउडर के स्थान पर स्थानीय पशुपालकों से दूध खरीदने और विद्यार्थियों को मोटे अनाज से बने खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने का सुझाव भी दिया गया।

वार्ता में ये अधिकारी और पदाधिकारी रहे मौजूद

सरकार की ओर से वार्ता में उप शासन सचिव मोनिका बराला, संस्कृत शिक्षा विभाग की निदेशक प्रियंका जोधावत और शिक्षा सलाहकार बी.के. गुप्ता उपस्थित रहे। संगठन की ओर से प्रदेशाध्यक्ष रमेशचंद्र पुष्करणा, प्रदेश महामंत्री महेंद्र कुमार लखारा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष संपत सिंह, अतिरिक्त महामंत्री बसंत जिंदल और कोषाध्यक्ष कैलाश कच्छावा ने वार्ता में भाग लिया। संगठन के अनुसार बैठक सौहार्दपूर्ण वातावरण में हुई और अतिरिक्त मुख्य सचिव ने प्रस्तुत सभी बिंदुओं पर सकारात्मक पहल का आश्वासन दिया।

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