



पूर्व न्यायाधीश मदन लाल भाटी के नेतृत्व में आयोग के सदस्यों ने मुख्यमंत्री निवास पर प्रस्तुत किया प्रतिवेदन, सरकार के वरिष्ठ मंत्री और अधिकारी रहे मौजूद
जयपुर। राजस्थान राज्य अन्य पिछड़ा वर्ग (राजनैतिक प्रतिनिधित्व) आयोग ने मंगलवार को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को अपनी रिपोर्ट सौंप दी। मुख्यमंत्री निवास पर आयोग के अध्यक्ष एवं पूर्व न्यायाधीश मदन लाल भाटी ने आयोग के सदस्यों के साथ यह प्रतिवेदन प्रस्तुत किया।
आयोग की रिपोर्ट अन्य पिछड़ा वर्ग के राजनीतिक प्रतिनिधित्व और आरक्षण से जुड़े विषयों पर किए गए अध्ययन पर आधारित बताई गई है। रिपोर्ट की सिफारिशों पर राज्य सरकार के स्तर पर परीक्षण और आगे की कार्रवाई की जाएगी।
रिपोर्ट सौंपने के दौरान आयोग के सदस्य राजीव सक्सेना, मोहन मोरवाल, गोपाल कृष्ण और पवन मंडाविया मौजूद रहे।
आयोग ने प्रदेश में ओबीसी वर्ग के राजनीतिक प्रतिनिधित्व से संबंधित विभिन्न पहलुओं का अध्ययन कर अपनी रिपोर्ट तैयार की है। हालांकि प्रतिवेदन की प्रमुख सिफारिशों का विस्तृत विवरण अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है।
इस अवसर पर पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर, स्वायत्त शासन राज्य मंत्री झाबर सिंह खर्रा और विधि मंत्री जोगाराम पटेल उपस्थित रहे।
प्रमुख सचिव वी. श्रीनिवास, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव अखिल अरोड़ा, स्वायत्त शासन विभाग के प्रमुख शासन सचिव, पंचायती राज विभाग के प्रमुख शासन सचिव और मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारी भी मौजूद रहे।
आयोग की रिपोर्ट में की गई सिफारिशों का संबंधित विभागों द्वारा अध्ययन किए जाने के बाद सरकार आगे की प्रक्रिया तय करेगी।
राजनीतिक प्रतिनिधित्व या आरक्षण व्यवस्था में किसी भी बदलाव की अंतिम स्थिति रिपोर्ट की सिफारिशों, लागू कानूनी प्रावधानों और राज्य सरकार के निर्णय के बाद ही स्पष्ट होगी।